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बाइक गैंग ने मचा रखा है मुंबई में आतंक…तोड़े जा रहे हैं कारों के मिरर!

-बांद्रा से जोगेश्वरी के बीच रोज घट रही हैं घटनाएं

-कबाड़ कैमरों के भरोसे बैठी है फडणवीस की पुलिस

फिरोज खान / मुंबई

मुंबई की सड़कों पर इन दिनों बाइक गैंग का आतंक बढ़ता जा रहा है। बांद्रा से लेकर जोगेश्वरी तक खड़ी कारों के साइड मिरर तोड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे वाहन मालिकों में दहशत और नाराजगी है। हैरानी की बात यह है कि शहर की सुरक्षा के लिए लगाए गए कई सीसीटीवी कैमरे या तो खराब पड़े हैं या कबाड़ बन चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अपराधियों पर नकेल कैसे कसेगी, जब फडणवीस की पुलिस की निगरानी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में हो।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पुलिस महकमे को हाईटेक किए जाने वाले दावे खोखले नजर आ रहे हैं, क्योंकि हकीकत कुछ और ही है। फडणवीस की पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए कबाड़ सीसीटीवी कैमरों के भरोसे काम कर रही है। हाईवे और मुख्य जंक्शनों पर लगे कैमरे इतने घटिया क्वालिटी के है कि कैमरों की रिकॉर्डिंग कभी भी अपने आप बंद पड़ जाती है ग्लीच आने लगती है, जिसकी वजह से पुलिस पंगु बनी हुई है।
मिलन सबवे बना हमला पॉइंट
ताजा मामला १० जून की रात ११ बजे का है। होंडा सिटी (एम एच ०१ डीई ०८९४) कार सेकंड लाइन से गुजर रही थी, तभी मिलन सबवे के पास मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कार पर अटैक किया और साइड मिरर तोड़कर फरार हो गए। इस तरह किए गए हमले से यह भी अंदेशा होता है कि कार का नुकसान करने के अलावा उनका इरादा कुछ और भी था।
वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर कानून को खुली चुनौती
वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर इनदिनों मोटरसाइकिल सवार शरारती तत्वों ने उत्पात मचा रखा है। बदमाश किस्म के लोग हाईवे पर जबरन किसी भी कार का नुकसान करके फरार हो जाते हैं। मोटरसाइकिल सवार हाईस्पीड में चलती कारों पर अटैक करते हैं और ज्यादातर साइड मिरर तोड़कर फरार हो जाते हैं।
मुंबई की सड़कों पर लफंगों का नंगा नाच!
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़कों पर बदमाशों और असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम उत्पात मचा रहे हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि इन दिनों पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए मुखबिर से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों पर निर्भर है। मुंबई के मुख्य जंक्शन और हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि कैमरे कबाड़ की हालत में हैं। कुछ कैमरे ऐसे हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग अचानक अपने आप बंद पड़ जाती है या ग्लीच आने लगती है।
इसके अलावा चौंकानेवाली जानकारी यह है कि हाईवे पर लगे कैमरे नाइट वर्जन वाले नहीं है, जिससे पुलिस को रात के समय हुए अपराध को सुलझाने में बड़ी मुश्किलों का सामान करना पड़ता है। कैमरे घटिया क्वालिटी के लगे होने के कारण रात का सीन साफ दिखाई ही नहीं देता है। ऐसे में सवाल यह है कि खस्ताहाल कैमरे के बदौलत हाईवे पर हुए क्राइम का पता पुलिस कैसे लगएगी। आए दिन सामने आ रही घटनाओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोगों का आरोप है कि अपराधियों में पुलिस का डर खत्म होता जा रहा है और शहर की सड़कों पर अराजक तत्व बेखौफ होकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। इस संदर्भ में शिकायत करने पर विलेपार्ले पुलिस स्टेशन में लगे सर्विलांस मॉनिटर के चेक किया गया तो पता चला कैमरे बीच बीच में रिकार्डिंग छोड़ दे रहे हैं, इसके अलावा कैमरे की क्वालिटी इतनी घटिया है कि हाईवे का रात का सीन साफ ही नहीं दिखाई दे रहा है। इस साल अप्रैल महीने तक वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर चोरी और छिनैती की १६२१ घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन डिटेक्शन रेट काफी कम है क्योंकि सीसीटीवी कैमरों में अपराधियों की पहचान ही नहीं हो पाती है।

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