मुख्यपृष्ठनए समाचारजीडीपी में कुछ तो गड़बड़ है...!

जीडीपी में कुछ तो गड़बड़ है…!

-मोदी सरकार के विकास मॉडल पर राजन ने उठाए सवाल

-रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने खोली सरकारी दावों की पोल

सामना संवाददाता / मुंबई

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार लगातार विकास और तेजी से बढ़ती जीडीपी के दावे करती रही है, लेकिन अब इन्हीं दावों पर सवाल उठने लगे हैं। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने जीडीपी आंकड़ों और विकास मॉडल की विश्वसनीयता पर चिंता जताते हुए कहा है कि जमीनी हकीकत और सरकारी आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। रघुराम राजन का मानना है कि निवेश में सुस्ती ये संकेत देता है कि बाजार में मांग उतनी मजबूत नहीं है, जितनी जीडीपी आंकड़े दर्शाते हैं।
वित्त वर्ष २०२५-२६ में भारत के जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार भले ही ७ से ज्यादा हो लेकिन इन आंकड़ों से केंद्रीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन खुश नहीं हैं। रघुराम राजन के मुताबिक, आधिकारिक जीडीपी आंकड़े और जमीनी आर्थिक स्थिति के बीच बड़ा अंतर है। अपने एक इंटरव्यू में राजन ने कहा, `मुझे यह समझ नहीं आता। अगर अर्थव्यवस्था इस दर से बढ़ रही होती तो निश्चित रूप से निवेश के ज्यादा होने की उम्मीद की जाती। कुछ तो गड़बड़ है।’

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