-न सटीक ब्रेक हैं, न सही साइड मिरर
-फ्रंट में शेडौ, कहीं भी हो जाती हैं बंद
रामदिनेश यादव / मुंबई
पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर बताईए जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों को बड़े पैमाने पर बेस्ट के बेड़े में शामिल किया जा रहा है। लेकिन मुंबई की सड़कों पर दौड़ रही बेस्ट की नई इलेक्ट्रिक बसों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कहा जा रहा है कि ये बसें किसी भी समय सड़क पर मुंबईकरों को मौत का करंट दे सकती हैं। जी हां, हाल ही में दादर प्लाजा के पास हुई दुर्घटना के बाद `दोपहर का सामना’ के संवाददाता ने जब बेस्ट के इलेक्ट्रिक बस के ड्राइवरों से बात की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।
ड्राइवरों का कहना था कि इलेक्ट्रिक बसों में कई समस्याएं हैं। ज्यादातर बसों में तत्काल ब्रेक नहीं लगता है जब बस में इमरजेंसी ब्रेक लगया जाता है तो वह १० से २० फीट दूर जाकर रुकती है। दूसरी बात इसका प्रâंट मेन ग्लास पर परछाई रहती है। ड्राइवर जब सीट पर होता है तब उसे साफ दिखने के बजाय परछाई की अड़चन आती है। इतना ही नहीं इनमें से कई बसों के दोनों साइड मिरर भी गड़बड़ हैं। सही तरह से एडजस्ट नहीं होते, ऐसे में पीछे की तरफ देखना भी मुश्किल होता है। ऐसे में दुर्घटना की संभावना प्रबल होती है। चौथी बात ये बसें कहीं भी बंद हो जाती हैं। ऐसे में हाइवे पर वाहनों के बीच खतरा बढ़ जाता है। ये सभी समस्याएं खासकर पीएमआई मोबिलिटी कंपनी की बसों में देखी गई हैं। पीएमआई बसों की समस्या को लेकर कर्मचारियों की शिकायतों को लेकर बेस्ट कमिटी के सदस्यों ने गंभीरता दर्शाई है। सदस्य रमाकांत गुप्ता के अनुसार, जल्द ही आगामी कमिटी की बैठक में पीएमआई बसों की समस्या को लेकर मुद्दा उपस्थित किया जाएगा। इस संदर्भ में प्रस्ताव तैयार किया गया है।
करोड़ों खर्च, फिर भी सुरक्षा गायब
विपक्षी दलों और कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि करोड़ों रुपए खर्च कर खरीदी गई नई इलेक्ट्रिक बसों में यदि मूलभूत सुरक्षा मानकों की ही कमी है, तो यह यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है।
