मुख्यपृष्ठस्तंभ‘मेरी जिंदगी की भयानक भूल...'

‘मेरी जिंदगी की भयानक भूल…’

संतोषी रावत

वॉशिंगटन डीसी। बंद कमरा। सामने बैठे गंभीर अमेरिकी सांसद और उनके ठीक बीचों-बीच खड़ा दुनिया का सबसे रसूखदार नाम, बिल गेट्स।
माहौल में एक अजीब सा सन्नाटा था। गेट्स, जो कभी तकनीक की दुनिया के बेताज बादशाह थे, आज एक ऐसे अतीत के कटघरे में खड़े थे जिससे वह सालों से भागने की कोशिश कर रहे थे। हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने बंद कमरे में हुई इस पूछताछ में गेट्स ने जब बोलना शुरू किया, तो वह केवल एक गवाही नहीं थी… वह एक ऐसा सनसनीखेज कबूलनामा था, जिसने अमेरिकी सत्ता के गलियारों को हिलाकर रख दिया।
‘वो मेरी जिंदगी की सबसे भयानक भूल थी…’
कांपती, लेकिन सधी हुई आवाज में बिल गेट्स ने सांसदों के सामने स्वीकार किया, ‘दिवंगत फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से मिलना… मेरी जिंदगी की एक गंभीर और सबसे बड़ी भूल थी। मुझे शुरुआत में ही उस आदमी की परछाई से भी दूर रहना चाहिए था।’ गेट्स ने बताया कि शुरुआत में उन्हें भनक तक नहीं थी कि परोपकार और चैरिटी का मुखौटा ओढ़े एपस्टीन असल में किस खौफनाक और आपराधिक दलदल में धंसा हुआ था। वह तो केवल वैश्विक स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए अरबों डॉलर जुटाने के झांसे में आ गए थे। लेकिन जब तक सच सामने आता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
ब्लैकमेलिंग का वो खतरनाक खेल
कहानी में असली ट्विस्ट तब आया, जब गेट्स ने उस ब्लैकमेलिंग के खेल का पर्दाफाश किया, जो बंद दरवाजों के पीछे खेला जा रहा था। साल २०१४ में जब गेट्स को अहसास हुआ कि एपस्टीन एक नंबर का धोखेबाज है, तो उन्होंने उससे सारे रिश्ते तोड़ लिए।
लेकिन एपस्टीन इतनी आसानी से हार मानने वाला नहीं था। गेट्स ने जो आरोप लगाए।
निजी जिंदगी पर वार
एपस्टीन के हाथ गेट्स की शादीशुदा जिंदगी और उनकी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स के साथ रिश्ते के दौरान हुए एक कथित अफेयर के राज लग चुके थे।
दबाव की राजनीति: इन्हीं संवेदनशील और खुफिया जानकारियों के दम पर एपस्टीन ने बिल गेट्स को ब्लैकमेल करने और दोबारा अपने जाल में फंसाने की कोशिश की।
गेट्स ने सांसदों को देखते हुए कहा, ‘वह शातिर था। वह अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था, लोगों के रिश्तों का सौदा कर सकता था। लेकिन मैं उसके इस घिनौने जाल में दोबारा नहीं फंसा।’
‘मैं कभी उस कुख्यात द्वीप पर नहीं गया’
कमेटी के अध्यक्ष जेम्स कोमर के कड़े सवालों का सामना करते हुए गेट्स ने पूरी दृढ़ता से एक बात साफ कर दी। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग की जांच में भले ही उनका नाम सामने आया हो, लेकिन वह स्वेच्छा से जांच में मदद करने आए हैं। गेट्स ने साफ लहजे में कहा कि वह एपस्टीन के उस बदनाम और कुख्यात प्राइवेट आईलैंड या उसकी किसी भी विवादित प्रॉपर्टी पर कभी नहीं गए।
प्रतिष्ठा पर दाग और वो गहरा अफसोस
पूछताछ खत्म होने के बाद, बिल गेट्स ने अपनी वेबसाइट ‘गेट्स नोट्स’ पर एक बयान जारी किया। यह बयान एक टूटे हुए और अपनी गलती पर पछता रहे इंसान का था। उन्होंने लिखा, ‘मानवता और जीवन को बचाने वाले कार्यों में ‘प्रतिष्ठा’ ही सब कुछ होती है। एपस्टीन के साथ जुड़ने से मेरी छवि को जो नुकसान पहुंचा है, उसका मुझे गहरा दुख है। अगर मेरे नाम की वजह से उस अपराधी को समाज में थोड़ी भी विश्वसनीयता मिली, तो मुझे इसका जिंदगी भर मलाल रहेगा। मैंने इस घटना से एक बहुत बड़ा और कड़वा सबक सीखा है।’
अंतिम दृश्य
कैपिटल हिल की सीढ़ियों से उतरते हुए बिल गेट्स के चेहरे पर एक भारीपन था। दुनिया के सबसे अमीर इंसानों में से एक को आज समझ आ चुका था कि जिंदगी के कुछ फैसलों की कीमत पैसों से नहीं, बल्कि अपनी साख गंवाकर चुकानी पड़ती है।

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