मुख्यपृष्ठराशि-भविष्यजीवन दर्पण: माता-पिता की सेवा से ही सुखमय होगा जीवन

जीवन दर्पण: माता-पिता की सेवा से ही सुखमय होगा जीवन

-डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, मेरी कुंडली में दोष क्या है और मेरा करियर कैसा होगा। कोई उपाय है तो बताएं?
-सुरेश लांडे
(जन्म-१९ जून २००२ रात्रि १२:४९, घाटकोपर-वेस्ट मुंबई)
सुरेश जी, आपका जन्म बुधवार को हस्त नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है। आपकी राशि कन्या और लग्न मीन है। मीन लग्न का स्वामी बृहस्पति दशम भाव का स्वामी होकर चौथे भाव में स्थित है और अपनी सप्तम दृष्टि से दशम भाव को देख रहा है। यह योग संकेत देता है कि माता-पिता का सम्मान और उनकी सलाह मानने से ही आपके करियर में स्थिरता आएगी। अन्यथा करियर में उतार-चढ़ाव संभव है। आपकी कुंडली में ‘भाग्य ग्रहण दोष’, ‘कालसर्प योग’ और ‘मांगलिक दोष’ भी बन रहे हैं। ‘मांगलिक दोष’ के कारण विवाह में विलंब या जीवनसाथी के चयन में परेशानी आ सकती है। इसके लिए माता-पिता की सहमति से रिश्ता तय करना शुभ रहेगा और आपका करियर भी अच्छा होगा। यदि अपने करियर और विवाह को अच्छा बनाना चाहते हैं तो माता-पिता की सेवा और आज्ञा का पालन करें। वैदिक विधि से कालसर्प योग की शांति कराएं। जीवन की विस्तृत जानकारी के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड बनवाएं।
मेरे जीवन में बहुत परेशानियां हैं। कब तक ठीक होंगी और क्या उपाय करें?
-सुभाष शर्मा
(जन्म- २६ जनवरी १९९१ रात्रि १२:४५, भांडुप-मुंबई)
सुभाष जी, आपका जन्म शनिवार को रोहिणी नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है। आपकी राशि वृषभ है। वृषभ राशि का स्वामी चंद्रमा आपकी कुंडली में अष्टम भाव में सप्तमेश के साथ स्थित है। इस युति से आपकी कुंडली मांगलिक बन रही है, जिसके कारण वैवाहिक जीवन में तनाव होगा। वर्तमान समय में राहु की महादशा चल रही है और राहु की महादशा में मंगल की अंतर्दशा चल रही है। यह समय ठीक नहीं है। समय को अनुकूल बनाने के लिए ४३ दिन तक प्रतिदिन ५ मिनट पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें। ४३ दिन तक तालाब या नदी में मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। नियमित उपाय से धीरे-धीरे आपकी परेशानियां दूर होने लगेंगी।

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