-क्या गर्भवती महिलाएं नाचती हुई आई थीं?
-राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर मचा बवाल…पोस्ट-कोविड आईसीयू वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे थे गजेंद्र सिंह खींवसर
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बीकानेर का पीबीएम अस्पताल चर्चा और विवाद का केंद्र बना हुआ है। एक ओर सिजेरियन डिलिवरी के बाद गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से जूझ रहीं प्रसूताएं हैं तो दूसरी ओर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन, लाठीचार्ज और नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। इस संवेदनशील मामले में प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का एक बयान नया विवाद खड़ा कर गया है। गुरुवार को अस्पताल के पोस्ट-कोविड आईसीयू वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री से मीडिया ने प्रसूताओं की बिगड़ती हालत और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए। सवालों के बीच मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा, `आप इन्हें बताइए कि गर्भवती महिलाएं पीबीएम में गंभीर हालत में आई थीं या नाचते-गाते हुई आई थीं? मंत्री का यह बयान कैमरे में कैद होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया।
विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई, जब पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलिवरी के बाद छह महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी प्रसूताओं में किडनी संबंधी गंभीर दिक्कतें सामने आर्इं। मामला तूल पकड़ने पर प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर हालात का जायजा लेने बीकानेर पहुंचे थे। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह के बेशर्म बयान पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर मंत्री के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि प्रदेश की माताओं-बहनों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री से ऐसी असंवेदनशील टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि यह बयान महिलाओं और मातृत्व के प्रति सरकार की सोच को उजागर करता है।
