द्रुप्ति झा / मुंबई
गुरुवार से शुरू हुई बेस्ट बस हड़ताल तीसरे दिन (शनिवार) को भी जारी रहने से यात्रियों को सफर करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बता दें कि बेस्ट प्रतिदिन २,७६६ बसें चलाती है। इनमें से गुरूवार को सुबह से केवल ३६ बसें ही यात्री सेवा के लिए चलाई गई जिससे बसों की संख्या में कमी की वजह से बेस्ट यात्रियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। बेस्ट कर्मचारियों की इस अचानक हड़ताल का सीधा फायदा ऑटो और टैक्सी चालकों ने उठाया है, जिन्होंने मजबूरी का फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।
वसूल रहे मनमाना किराया
इस परिवहन संकट का फायदा उठाते हुए मुंबई के कई इलाकों में ऑटो और टैक्सी चालकों ने लूट मचा दी। यात्रियों ने शिकायत की कि उनसे सामान्य से दोगुना से लेकर तीन गुना तक किराया वसूला जा रहा है। समय पर दफ्तर पहुंचने के दबाव के कारण आम यात्री यह बढ़ा हुआ किराया देने के लिए मजबूर हैं। यात्रियों का कहना है कि बेस्ट प्रशासन और सरकार को इस संकट का जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि आम जनता को इस तरह की आर्थिक और मानसिक परेशानी से राहत मिल सके।
बीकेसी रूट सबसे ज्यादा प्रभावित
बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कार्यालय पहुंचने की जल्दी में लगे कर्मचारियों को शनिवार को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बेस्ट हड़ताल की वजह से बड़ी संख्या में यात्री बांद्रा रेलवे स्टेशन और कुर्ला रेलवे स्टेशन से बीकेसी पहुंचने के लिए बेस्ट ट्रांसपोर्ट सेवा की बसों का इस्तेमाल करते नजर आए, लेकिन बेस्ट ट्रांसपोर्ट सेवा की हड़ताल के कारण शुक्रवार को बीकेसी के लिए केवल कुछ ही बसें चली इससे यात्रियों को असुविधा हुई और उन्हें रिक्शा और टैक्सी का सहारा लेना पड़ा।
