-१० साल बाद भी अरब सागर में नहीं बना स्टेच्यू…पीएम मोदी ने २०१६ में किया था भूमिपूजन
रामदिनेश यादव / मुंबई
मुंबई के अरब सागर में प्रस्तावित छत्रपति शिवाजी महाराज के भव्य स्मारक को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वर्ष २०१६ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बड़े जोर-शोर में भव्य समारोह के साथ इस परियोजना का भूमिपूजन किया गया था, लेकिन लगभग दस वर्ष बीत जाने के बाद भी स्मारक का निर्माण कार्य पूरा तो छोड़िए १० प्रतिशत भी नहीं हो सका है।
विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने समय-समय पर इस परियोजना की प्रगति पर सवाल उठाए हैं। भूमिपूजन के बाद भी परियोजना को लेकर ठोस प्रगति आज तक दिखाई नहीं दे रही है। खास बात यह है कि पीएम मोदी के भूमिपूजन के बाद भी भाजपा सरकार इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जबकि इसके बाद शुरू हुए गुजरात में सरदार बल्लभ भाई पटेल के भव्य स्मारक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को न केवल बनाकर तैयार किया, बल्कि उसे देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए खोल भी दिया गया। आज वह आकर्षण का केंद्र भी बन चुका है। शिवसेना विधायक भास्कर जाधव ने कहा कि मैं तो कहूंगा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति भाजपा का प्रेम नकली है। मालवण में भी इन्होंने शिवराय का स्मारक बनाया, जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
शिवभक्तों की भावनाओं से खिलवाड़
शिवचरित्र के प्रख्यात अध्येता और शिवभक्त राजू देसाई ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रेरणा हैं। ऐसे में उनके स्मारक की परियोजना वर्षों तक लंबित रहना करोड़ों शिवभक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ है। इस मुद्दे पर उन्होंने सवाल किया है कि जब गुजरात के केवड़िया में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कुछ वर्षों में बनकर तैयार हो सकती है तो छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रस्तावित स्मारक अब तक क्यों अधूरा है?
