-15 विद्यार्थियों की मौत पर देवाशीष श्रीवास्तव ने जताया शोक, पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की जांच की उठाई मांग
राजेश सरकार / प्रयागराज
यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। हादसे में 15 विद्यार्थियों की मौत की सूचना ने शिक्षा जगत और समाज को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस दर्दनाक घटना पर दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना केंद्र के व्यवस्थापक देवाशीष श्रीवास्तव ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के सपनों के साथ कोचिंग संस्थान भेजा था, उनके लिए यह हादसा जीवनभर का दर्द बन गया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
देवाशीष श्रीवास्तव ने कहा कि इस घटना ने शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे मानकों का हर संस्थान में सख्ती से पालन होना चाहिए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की कि प्रदेशभर के कोचिंग संस्थानों, प्रशिक्षण केंद्रों और कौशल विकास संस्थानों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए। जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही हो, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक संस्थान में अग्निशमन यंत्र, फायर एनओसी, आपातकालीन निकास द्वार, विद्युत सुरक्षा प्रमाणन तथा नियमित मॉक ड्रिल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। साथ ही, समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लखनऊ का यह हादसा पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है। यदि सुरक्षा को लेकर अभी भी गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति हो सकती है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों के संचालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
