मुख्यपृष्ठसमाचारदोगुना जुर्माना वसूली का फरमान खतरे में टीसीयों की जान!

दोगुना जुर्माना वसूली का फरमान खतरे में टीसीयों की जान!

बेटिकट यात्रियों से हो रही भिड़ंत

फिरोज खान / मुंबई

मुंबई की लोकल ट्रेनों में लूट, चोरी और सीट के लिए चाकू-छुरी की घटनाएं आम हो गई हैं। भयंकर स्थिति होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेल प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ओवर क्राउड के चलते चलती ट्रेन से लोगों का गिरकर मरने का सिलसिला जारी है। इस तरह के अहम मसले का हल निकालने के बजाय रेल प्रशासन ने यात्रियों की जेब और काटने का प्लान तैयार कर लिया है। रेल प्रशासन ने अब जुर्माने की रकम डबल वसूल करना शुरू कर दिया है।
बिना टिकट यात्रियों से अब २५० रूपए के बदले ५०० रूपए फाइन के नाम पर वसूली की जा रही है। यानी कि रेलवे की तिजोरी पहले से ज्यादा लबालब हो जाएगी। इस बीच डबल वसूली को लेकर टीसीयों की जान खतरे में पड़ गई है।
सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं टीसी
ऐसे में सवाल यह है कि बिना टिकट यात्रियों को जुर्माना ठोकना वाजिब है, लेकिन उनकी सुरक्षा का क्या? मुंबई लोकल ट्रेनों से गिरकर और पटरियों पर हादसे के दौरान हर साल औसतन २,२०० से ३,५०० यात्रियों की मौत होती है। रेलवे और सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल चलती ट्रेन से हर साल लगभग ७०० से ९०० लोग अपनी जान गवां देते हैं। मुंबई हाई कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई की लोकल ट्रेनों से गिरकर और पटरियों को पार करते समय औसतन रोजाना ८ से १० लोगों की मौत होती है।

अन्य समाचार