मुख्यपृष्ठनए समाचारखरीद-फरोख्त और धनबल से जीती महायुति

खरीद-फरोख्त और धनबल से जीती महायुति

सामना संवाददाता / मुंबई

विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार अतुल लोंढे की हार के बाद विपक्ष ने महायुति सरकार पर नगरसेवकों की कथित खरीद-फरोख्त और धनबल के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। नागपुर चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजीव पोतदार ने भारी मतों से विजय प्राप्त की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अतुल लोंढे को अपेक्षा से काफी कम मत मिले। इसके बाद लोंढे ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतों की क्रॉस वोटिंग धनबल के जरिए कराई गई। उन्होंने दावा किया कि कई मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए भारी रकम का इस्तेमाल किया गया। लोंढे ने कहा कि महाविकास आघाड़ी और कांग्रेस के पास पर्याप्त मत होने के बावजूद अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक पराजय नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करनेवाली स्थिति है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस संबंध में किसी के खिलाफ शिकायत नहीं करेंगे, लेकिन जनता के सामने पूरी सच्चाई रखेंगे। लोकतांत्रिक व्यवस्था से उठ जाएगा जनता का विश्वास कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों की निष्ठा धनबल के आधार पर बदली जाने लगीं तो स्थानीय स्वशासन संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर होगा। विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और राजनीतिक नैतिकता पर व्यापक चर्चा की मांग की है। हालांकि, भाजपा और महायुति के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है और अपनी जीत को संगठन की ताकत तथा जनप्रतिनिधियों के विश्वास का परिणाम बताया है।

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