एजेंसी / वॉशिंगटन
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सीमा के पास एक पहाड़ के नीचे छिपी हिजबुल्लाह की एक बड़ी अंडरग्राउंड ड्रोन फैक्ट्री का पता लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जगह का इस्तेमाल ईरान में बने ड्रोन को जोड़ने और उन्हें इजरायल की तरफ लॉन्च करने, दोनों कामों के लिए किया जा रहा था। इजरायली सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह पैâक्ट्री पिछले दशक में ईरान की सीधी मदद से बनाई गई थी।
यह टनल कॉम्प्लेक्स इजरायली सीमा से लगभग ६ किमी दूर मजदल जौन गांव के नीचे मिला। टनल पहाड़ के अंदर कई सौ मीटर तक फैली हुई है और जमीन के नीचे लगभग २९ मीटर की गहराई तक जाती है। इजरायली सेना के अनुसार, यह फैक्ट्री स्टील के बड़े ब्लास्ट-प्रूफ दरवाजों से सुरक्षित थी और इसे इस इलाके में पहले मिली हिजबुल्लाह की अन्य सुरंगों की तुलना में कहीं बेहतर स्टैंडर्ड से बनाया गया था।
इजरायली अधिकारियों ने कहा कि टनल में हमें दर्जनों ड्रोन मिले, जो विस्फोटक से लैस थे। ये ड्रोन वैसे ही लग रहे थे जैसे पहले इजरायल पर हमलों में इस्तेमाल किए गए थे। सेना का मानना है कि उनमें देशभर में टारगेट पर हमला करने की काफी रेंज थी। यह पहली बार था, जब इजरायली सेना को इस तरह के पूरी तरह से सही-सलामत ड्रोन मिले हैं, जिससे हिजबुल्लाह की क्षमताओं के बारे में अहम जानकारी मिली है।
अंदर मिले ५० विस्फोटक वॉरहेड
अंदर सैनिकों को ऐसे कमरे मिले, जहां लेबनान में कथित तौर पर तस्करी करके लाए गए पार्ट्स का इस्तेमाल करके ड्रोन जोड़े जा रहे थे। सैनिकों को लगभग ५० ऐसे भी ड्रोन मिले जिनमें विस्फोटक वॉरहेड लगे थे और वजन लगभग ३० किलोग्राम था।
