सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्र और राज्य की सत्ता के बल पर भाजपा और शिंदे गुट द्वारा देश में लगातार तोड़फोड़ की राजनीति की जा रही है। शिवसेना द्वारा दिल्ली स्थित संसदीय कार्यालय में बुलाई गई बैठक में अनुपस्थित रहने वाले छह सांसद कल मुंबई में एकनाथ शिंदे के ‘गद्दारों के गैंग’ में शामिल हो गए। केंद्र सरकार और भाजपा की मदद से शिवसेना में फूट डालने का प्रयास महाराष्ट्र में किया गया।
शिवसेना के मशाल चुनाव चिन्ह पर लोकसभा के लिए चुने गए संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटील-आष्टीकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटील और ओमराजे निंबालकर सहित छह सांसदों ने शिंदे गुट का साथ देने का निर्णय लिया है, जिससे पूरे महाराष्ट्र में नाराजगी व्यक्त की जा रही है।
शिवसैनिकों के डर से ये छह सांसद दिल्ली, जयपुर और अन्य स्थानों पर छिपे हुए थे। इन छह सांसदों ने कथित तौर पर गद्दारों के सरदार कहे जाने वाले शिंदे गुट के नेता एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर ‘गद्दारों के गैंग’ में प्रवेश किया। इनमें से चार करीब डेढ़ बजे विशेष विमान से मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचे। पुलिस सुरक्षा और वाई-प्लस सुरक्षा घेरे में ये चारों अपनी गाड़ियों तक पहुंचे और बिना समय गंवाए उनका काफिला शिंदे के नंदनवन बंगले की ओर रवाना हो गया। गद्दार सांसद ओमराजे निंबालकर धाराशिव से मुंबई पहुंचे, जबकि मुंबई में ही मौजूद संजय दीना पाटील भी पुलिस सुरक्षा के बीच शिंदे के बंगले पर पहुंचे।
बताया गया कि सभी छह सांसदों के चेहरे उतरे हुए दिखाई दे रहे थे। प्रवेश के दौरान सांसदों की ओर से केवल हाथ जोड़कर ही प्रतिक्रिया दी गई। सभी के चेहरे उदास दिखाई दे रहे थे। नए राजनीतिक घर में प्रवेश की खुशी के बजाय उनके चेहरों पर राजनीतिक भविष्य की चिंता दिखाई दे रही थी। जब शिंदे ने तस्वीर खिंचवाने के लिए सांसदों के हाथ ऊपर उठाए, तब भी उनके चेहरों पर मुस्कान दिखाई नहीं दी। इन छह सांसदों में से कुछ सांसद २०२४ के लोकसभा चुनाव में भाजपा और अजीत पवार गुट के उम्मीदवारों को हराकर संसद पहुंचे थे। धाराशिव में ओमराजे निंबालकर ने अजीत पवार गुट की अर्चना पाटील को पराजित किया था, जबकि उत्तर-पूर्व मुंबई में संजय दीना पाटील ने भाजपा के मिहिर कोटेचा को हराया था। इन दोनों सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने से आगामी चुनावों में महायुति के भीतर नई राजनीतिक जटिलताएं पैदा होने की संभावना जताई जा रही है। अजीत पवार गुट में अभी से टेंशन बढ़ गया है।
