उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में करोड़ों रुपए के कथित फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि सड़क किनारे पंचर बनाने वाले एक व्यक्ति के नाम पर करीब १०० करोड़ रुपए के कारोबार वाली कंपनी पंजीकृत कर दी गई। संबंधित व्यक्ति को लंबे समय तक इसकी जानकारी तक नहीं थी। मामला तब खुला, जब कर विभाग की ओर से उसे करोड़ों रुपए के बकाया टैक्स का नोटिस मिला। बताया जा रहा है कि कंपनी पर लगभग २८ करोड़ रुपए का कर बकाया है। नोटिस देखकर पीड़ित के होश उड़ गए और उसने अधिकारियों से शिकायत की। आशंका है कि फर्जी दस्तावेजों, बैंक खातों और पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर लेनदेन किया गया। अब विभाग कंपनी के वास्तविक संचालकों, वित्तीय लेनदेन और दस्तावेज तैयार करने वालों की जांच कर रहा है।
जयपुर की सड़क पर युवती का हंगामा
नशा, मानसिक संकट या कोई और कारण?
राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आए एक वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मालवीय नगर के गौरव टॉवर क्षेत्र में एक युवती ने कथित रूप से बीच सड़क पर कपड़े उतार दिए और काफी देर तक हंगामा करती रही। इस दौरान उसने वाहनों को रोकने का प्रयास किया और एक वैâब चालक के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। मौके पर मौजूद अधिकांश लोग उसकी सहायता करने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। प्रारंभिक रिपोर्टों में युवती के नशे की हालत में होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उसने शराब पी रखी थी, किसी मादक पदार्थ का सेवन किया था अथवा वह किसी मानसिक या भावनात्मक संकट से गुजर रही थी। बताया गया है कि पुलिस ने उसकी चिकित्सकीय जांच कराने का प्रयास किया, लेकिन उसने जांच कराने से इनकार कर दिया। ऐसे में बिना मेडिकल रिपोर्ट के यह निश्चित रूप से कहना उचित नहीं होगा कि उसके व्यवहार के पीछे ड्रग्स ही कारण था। बीते साल भी जैसलमेर में एक कपल ने अश्लीलता पैâलाई थी। शराब या कुछ मादक पदार्थ व्यक्ति की निर्णय क्षमता, आत्मनियंत्रण और आसपास के वातावरण को समझने की शक्ति को प्रभावित कर सकते हैं। इसी प्रकार मानसिक तनाव, मनोविकार, घबराहट या किसी दर्दनाक घटना के कारण भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर असामान्य व्यवहार कर सकता है।
