मुख्यपृष्ठअपराधनागपुर में १० मासूमों से दिंरदगी!

नागपुर में १० मासूमों से दिंरदगी!

– बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

-मुख्यमंत्री-गृहमंत्री के शहर में सनसनी

– आरोपी मदरसे का शिक्षक फरार

सुनील ओसवाल / मुंबई

महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर से सामने आए एक मामले ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। ताजबाग क्षेत्र से सटे तावीज नगर स्थित एक मदरसे के शिक्षक पर १० नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगा है। सक्करदरा पुलिस ने पॉक्सो कानून और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी अताय रसूल उर्फ तालिफ (२६) फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब मध्य प्रदेश से पढ़ाई के लिए आए १६ वर्षीय छात्र ने कथित उत्पीड़न की शिकायत मदरसा प्रबंधन से की। जांच के दौरान अन्य बच्चों ने भी सामने आकर अपनी आपबीती बताई, जिसके बाद पीड़ितों की संख्या बढ़कर १० तक पहुंचने की बात सामने आई। आरोप है कि आरोपी शिक्षक देर रात छात्रावास में घुसकर बच्चों के साथ अश्लील हरकतें करता था और विरोध करने पर उन्हें धमकाता था। यह मामला केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और संस्थानों की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सामाजिक प्रश्न बनकर सामने आया है। जिन संस्थानों में माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ भेजते हैं, वहां अगर उनकी सुरक्षा ही खतरे में पड़ जाए, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री तथा गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राजनीतिक गढ़ नागपुर में सामने आई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
निगरानी व्यवस्था की विफलता आई सामने
विपक्षी दलों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि इतनी गंभीर घटनाएं सामने आने के बावजूद निगरानी व्यवस्था क्यों विफल रही। सामाजिक संगठनों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को दबाने के बजाय सामने लाना जरूरी है, ताकि पीड़ित बच्चों को न्याय मिल सके, अन्य बच्चे आगे आकर अपनी बात कह सकें और बच्चों की सुरक्षा के लिए संस्थागत सुधारों का रास्ता खुल सके।

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