जेदवी / मुंबई
नई मुंबई के लाखों रेल यात्रियों को वर्षों तक अव्यवस्था और जिम्मेदारियों की खींचतान का खामियाजा भुगतना पड़ा। अब जाकर सिडको और सेंट्रल रेलवे के बीच हुए समझौते के बाद शहर के सभी रेलवे स्टेशनों को अगले छह महीनों में चरणबद्ध तरीके से सेंट्रल रेलवे को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद स्टेशनों की देखभाल, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की जिम्मेदारी सीधे रेलवे प्रशासन के पास होगी। सिडको के सह-प्रबंध निदेशक डॉ. राजा दयानिधि के अनुसार, शेष सभी स्टेशनों का हस्तांतरण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहे स्टेशनों के बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं में सुधार आएगा।
दरअसल, कई स्टेशनों के रखरखाव से जुड़े करार वर्षों पहले ही समाप्त हो चुके थे, लेकिन नई व्यवस्था तय नहीं हो सकी। वाशी से बेलापुर तक के स्टेशनों का अनुबंध वर्ष २००३ में समाप्त हो गया था, जबकि खारघर से खांदेश्वर तक के स्टेशनों का करार २००८ में खत्म हो गया। वहीं ट्रांस-हार्बर लाइन के स्टेशनों के रखरखाव को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था ही नहीं थी। परिणामस्वरूप सिडको और रेलवे के बीच जिम्मेदारी को लेकर लगातार भ्रम बना रहा और यात्रियों को बदहाल सुविधाओं का सामना करना पड़ा। हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत तरघर, खारकोपर और बामणडोंगरी स्टेशन पहले ही सेंट्रल रेलवे को सौंपे जा चुके हैं। शेष स्टेशनों को भी अगले छह महीनों में चरणबद्ध तरीके से रेलवे के हवाले किया जाएगा।
