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सदन में जवाब देने से कतराते हैं उप मुख्यमंत्री!.. आदित्य ठाकरे का एकनाथ शिंदे पर हमला

-गैर जवाबदेही के खिलाफ विपक्ष ने किया सदन का बहिष्कार

सामना संवाददाता / मुंबई

महायुति सरकार के कार्यकाल में एक नई परंपरा शुरू हुई है, उप मुख्यमंत्री शिंदे स्वयं जवाब देने के बजाय किसी अन्य मंत्री से अपने विभाग का जवाब दिलवाते हैं। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सदन में अपने विभाग से जुड़े सवालों का जवाब देने से बचते हैं और जिम्मेदारी से भागने का प्रयास करते हैं। ऐसा जोरदार हमला शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर बोला है।
भाजपा की गुलामी करते हैं शिंदे जैसे लोग
शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिंदे जैसे लोग भाजपा की गुलामी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की गुलामी करने वाले लोग कभी भी वंदनीय हिंदूह्रदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे नहीं बढ़ा सकते।
विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी ने विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे सरकार के कार्यकाल में एक नई परंपरा शुरू हुई है, जिसके तहत संबंधित मंत्री स्वयं जवाब देने के बजाय किसी अन्य मंत्री से अपने विभाग का जवाब दिलवाते हैं। ऐसा यहां देखने को अक्सर मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे सदन में जवाबदेही से बचने के लिए दूसरे मंत्रियों को आगे करते हैं। आदित्य ठाकरे के इन आरोपों पर सरकार या उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अध्यक्ष ने यह टिप्पणी की कि वर्ष २०१९-२० में भी ऐसी व्यवस्था थी, जबकि यह दावा पूरी तरह गलत है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि उस समय संबंधित विभागों के मंत्री स्वयं सदन में जवाब देते थे और अपनी जिम्मेदारी निभाते थे। उन्होंने मांग की कि अध्यक्ष की उक्त टिप्पणी को कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाया जाए।

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