राज ई
मर्लिन मुनरो का नाम दुनिया की सबसे खूबसूरत और हसीन एक्ट्रेस में शुमार होता है, लेकिन उनकी मौत आज भी, अगर वह जिंदा होती तो आज १०० साल की होती। रहस्य बनी हुई है।
हॉलीवुड की सबसे चमकीली और ‘नमकीन’ स्टार मर्लिन मुनरो की जिंदगी जितनी ग्लैमरस थी, उसकी ओट में उतने ही गहरे राज दफन थे। उसकी खूबसूरती का जादू ऐसा था कि उस दौर के सबसे ताकतवर साम्राज्य के केंद्र, व्हाइट हाउस तक जा पहुंचा।
कहानियों और अफवाहों के बाजार में यह बात आम थी कि मर्लिन का दिल सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति जेएफके यानी जॉन एफ. केनेडी के लिए ही नहीं, बल्कि उनके भाई और अटॉर्नी जनरल रॉबर्ट केनेडी के लिए भी धड़क रहा था। सत्ता और हुस्न का यह ऐसा त्रिकोण था, जिसने पूरे अमेरिका को हैरत में डाल दिया था।
इस रहस्यमयी लव-अफेयर का सबसे यादगार और जादुई पल १९६२ में आया। मैडिसन स्क्वायर गार्डन में राष्ट्रपति के बर्थडे पर जब मर्लिन ने स्टेज पर आकर बेहद मादक और मदहोश कर देने वाले अंदाज में गाया, ‘हैप्पी बर्थडे मिस्टर प्रेसिडेंट…’ तो वहां मौजूद हर शख्स थम गया, उसकी सांसे थम गई। मुनरो के शरीर से लिपटी चमकीली ड्रेस और उसकी आवाज की कशिश ने इस रिश्ते को दुनिया के सामने जैसे जगजाहिर कर दिया था।
लेकिन इस हसीन और रोमांटिक दास्तान का अंत बेहद दर्दनाक और रहस्यमयी रहा। इस महफिल के कुछ ही महीनों बाद, महज ३६ साल की उम्र में मर्लिन अपने कमरे में मृत पाई गई। सरकारी फाइलों में इसे प्रोबेबल सुसाइड यानी ‘संभावित आत्महत्या’ कहा गया, लेकिन गलियारों में फुसफुसाहटें थीं कि मर्लिन बहुत से ऐसे राजनीतिक राज जान चुकी थीं, जो हुक्मरानों के लिए खतरा बन चुके थे। क्या मर्लिन एकतरफा मोहब्बत का शिकार हुई या सत्ता के खेल में उसकी बलि दे दी गई? यह रहस्य आज भी हॉलीवुड और वॉशिंगटन के इतिहास का सबसे बड़ा अनसुलझा पन्ना है।
