मुख्यपृष्ठअपराधड्रग्स का गढ़ बन रही मुंबई?..दुबई से चल रहा काला खेल!

ड्रग्स का गढ़ बन रही मुंबई?..दुबई से चल रहा काला खेल!

-जांच एजेंसियों के रडार पर कई ठिकाने

-आग्रीपाड़ा, बांद्रा, कोलाबा, घाटकोपर और पवई में नेटवर्क की जांच तेज

-फिरोज खान / मुंबई

मुंबई अब सिर्फ सपनों का शहर नहीं, बल्कि ड्रग्स नेटवर्क के बढ़ते खतरे से भी जूझ रही है। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन ऑर्डर और नकली कंपनियों के जरिए केमिकल मंगवाकर घरों में एमडी (मेफेड्रोन) बनाने की अवैध फैक्ट्रियां चलाई जा रही थीं। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का कथित रिमोट दुबई से ऑपरेट किया जा रहा था। फंडिंग और ऑर्डर वहीं से नियंत्रित होने की आशंका है। पुलिस अब सिर्फ पैडलर्स नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की तैयारी में जुटी है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने गुरुवार को शहरभर में ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ा समन्वित ऑपरेशन चलाया। एंटी-नारकोटिक्स सेल की करीब १० टीमों ने एक साथ १३ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, आग्रीपाड़ा, बांद्रा, कोलाबा के दो स्थानों, पवई, घाटकोपर और मुंबई के अन्य हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया गया।
बता दें कि यह पूरा ऑपरेशन मई २०२६ में एएएनसी की कांदिवली यूनिट द्वारा आग्रीपाड़ा में पकड़ी गई कथित अवैध मेफेड्रोन यानी एमडी निर्माण यूनिट से जुड़ा है। उस समय पुलिस ने एक रेजिडेंशियल फ्लैट से करीब ५०.७४ करोड़ रुपए कीमत का एमडी ड्रग्स बरामद किया था। साथ ही ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होनेवाले उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की गई थी। क्राइम ब्रांच को आशंका है कि उस फैक्ट्री का नेटवर्क शहर के कई हिस्सों तक पैâला हुआ है। इसी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए यह कार्रवाई की गई।

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