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१० दिनों की बारिश में बह गए दावे…‘सुनते हो न विनोद’, काम बोलता है!

उमन गुप्ता

गुजरात के साणंद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वेब सीरीज ‘पंचायत’ का फेमस डायलॉग ‘सुनते हो न विनोद’ काम बोलता है’। बोलकर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं, लेकिन अब यही डायलॉग मोदी जी पर भारी पड़ रहा है। पहली बारिश ने ही मोदी के विकास मॉडल की पोल खोल दी है। लोग कह रहे हैं सुनते हो न विनोद। ३६ करोड़ का एक्सप्रेसवे जिसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, अब पाताल लोक में समा गया है, सुनते हो न विनोद। मुंबई करीब १० दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश ने भाजपा की सत्ता वाली मनपा प्रशासन की पोल खोल दी। लोग १० दिनों तक त्राहि-त्राहि करते रहे। सुनते हो न विनोद। मुंबई से सटे नालासोपारा-वसई-विरार के लोग इन १० दिनों तक घरों में वैâद रहे। लोकल ट्रेनें ठप रहीं। सुनते हो न विनोद। पासपोर्ट ग्लोबल इंडेक्स में हमारा देश नामीबिया, मोरक्को जैसे देशों से पिछड़कर २५ वें नंबर पर पहुंच गया है, सुनते हो न विनोद। प्रेस प्रâीडम रैंकिंग में हमारा देश पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी पीछे चला गया है, सुनते हो न विनोद। दुनिया के १०० टॉप विश्वविद्यालयों में हमारे एक भी विश्वविद्यालय शामिल नहीं हैं, सुनते हो न विनोद। दिल्ली विश्वविद्यालय दुनिया में ११८वें नंबर पर है वह भी पंडित नेहरू का बनाया हुआ है, सुनते हो न विनोद। प्रति व्यक्ति आय में भारत श्रीलंका से भी पीछे चला गया है, सुनते हो न विनोद। भारत का रुपया इतिहास में अपने सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है, सुनते हो न विनोद। अमेरिका की इतनी दादागीरी बढ़ गई है कि वह हमारे नागरिकों को मार दे रहा है और मोदी जी अमेरिका का नाम तक नहीं ले रहे हैं, सुनते हो न विनोद। अरुणाचल प्रदेश में चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर चुका है, यह बात खुद वहां के लोकल कह रहे हैं, सुनते हो न विनोद। भारत के ३६५ से ज्यादा फूड प्रोडक्ट दूसरे देशों ने यह कहकर लेने से मना कर दिया है कि ये प्रोडक्ट मिलावटी हैं, इनमें पेस्टिसाइड ज्यादा है यह इंसान के खाने लायक नहीं है फिर भी हमारे देश में इंसानों को जहर खिलाया जा रहा है, सुनते हो न विनोद।
खुद का कद भगवान श्रीराम से ज्यादा दिखाने वाले मोदी जी की नाक के नीचे अयोध्या के श्रीराम मंदिर को लूट लिया गया, सुनते हो न विनोद। गुजरात के लाखों किसान नरेंद्र मोदी और अडानी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन यह खबर मीडिया से गायब है। सुनते हो न विनोद। सुनते क्यों नहीं हो विनोद। काम बोलता है। अब आप समझ गए होंगे, कितना काम बोल रहा है।

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