-घाटकोपर में ‘जर्मन हैंगर’ पर नया विवाद…खेल मैदान के व्यावसायिक इस्तेमाल पर उठे गंभीर सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
घाटकोपर-पूर्व स्थित रेलवे पुलिस कॉलोनी के परेड ग्राउंड पर ‘जर्मन हैंगर’ बनाए जाने को लेकर एक बार फिर रेलवे पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। सामाजिक कार्यकर्ता गणेश बाटू ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
आरोप है कि पुलिस खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और परेड के लिए बने मैदान का इस्तेमाल अब व्यावसायिक कमाई के साधन के रूप में किया जा रहा है। यह विवाद इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसी परिसर में दो वर्ष पहले अवैध होर्डिंग गिरने से १५ लोगों की मौत हुई थी और ७० से अधिक लोग घायल हुए थे। उस हादसे में मुख्य आरोपी भावेश के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, जबकि तत्कालीन रेलवे पुलिस आयुक्त वैâसर खालिद को निलंबित किया गया था। अब उसी परिसर में चार-चार फुट गहरे गड्ढे खोदकर सीमेंट-कंक्रीट के खंभों पर जर्मन हैंगर खड़े किए जाने से सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि महाराष्ट्र पुलिस खेल संकुल का मूल उद्देश्य पुलिस खिलाड़ियों का प्रशिक्षण, अभ्यास, चयन प्रक्रिया और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन है, लेकिन अब इन मैदानों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इससे पुलिस प्रशिक्षण प्रभावित होने के साथ राज्य की खेल विकास नीति पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
हादसे वाली जमीन फिर विवादों में
दो वर्ष पहले इसी परिसर में अवैध होर्डिंग गिरने से १५ लोगों की मौत और ७० से अधिक लोग घायल हुए थे। अब उसी मैदान में जर्मन हैंगर बनाए जाने से सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर फिर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
