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सत्ता की हनक या अपराध का इतिहास?.. शिंदे गुट का नगरसेवक निकला ‘हिस्ट्रीशीटर’!.. १८ मामलों की खुली कुंडली… डॉक्टरों की पिटाई के बाद बड़ा खुलासा

सुनील ओसवाल / मुंबई

डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टर पर हुए हमले का मामला अब महज मारपीट तक सीमित नहीं रहा। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार शिंदे गुट के नगरसेवक रमेश म्हात्रे पर कल्याण-डोंबिवली समेत विभिन्न पुलिस थानों में १८ आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा, मारपीट, धमकी और दबंगई जैसे गंभीर आरोपों के कारण यह मामला अब राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर संगठित आपराधिक प्रवृत्ति का रूप लेता दिख रहा है।
पुलिस के अनुसार, रमेश म्हात्रे का आपराधिक रिकॉर्ड दो दशक पुराना है। वर्ष २००५ में तत्कालीन शिवसेना गुटनेता विश्वनाथ राणे पर हमले के मामले में उन पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा तत्कालीन स्थायी समिति सभापति राहुल दामले को जान से मारने की धमकी देने और तत्कालीन मनपा आयुक्त वेलरासु पर दबाव बनाने जैसे मामलों में भी उनका नाम सामने आ चुका है। मनपा सदन में कई बार हुई मारपीट और हंगामे में भी उनका नाम जुड़ता रहा है।
अन्य आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी चौंकाने वाला
डॉक्टर की पिटाई मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी चौंकानेवाला है। अक्षय करांडे पर हत्या के प्रयास के दो गंभीर मामले दर्ज हैं। प्रमोद निकम के खिलाफ सातारा जिले में हत्या का मामला दर्ज है, जबकि रमेश पवार पर महिला से छेड़छाड़ और विनयभंग के आरोप हैं। डॉक्टर पर हमले के बाद सामने आई इस आपराधिक कुंडली ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने ऐसे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी है, जबकि पुलिस पूरे नेटवर्क और आरोपियों के पुराने मामलों की भी जांच में जुट गई है।
नगरसेवक की आपराधिक कुंडली से हड़कंप
डॉक्टर पर हमले के आरोपी नगरसेवक रमेश म्हात्रे पर १८ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें हत्या के प्रयास, धमकी, मारपीट और सरकारी काम में बाधा जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। अन्य आरोपियों का रिकॉर्ड भी सामने आने के बाद पुलिस जांच का दायरा बढ़ गया है।

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