-प्रो. रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को उपाधि व पदक प्रदान किए…भारतीय ज्ञान परंपरा और शोध की आवश्यकता पर दिया जोर
राजेश सरकार / प्रयागराज
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे माताओं का त्याग, समर्पण और अथक परिश्रम सबसे बड़ी शक्ति होती है। कई माताएं अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और करियर तक का त्याग कर देती हैं। बच्चे के जन्म के बाद अनेक महिलाएं परिवार और बच्चों के बेहतर पालन-पोषण के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ देती हैं।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय, नैनी में आयोजित 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक मां सुबह सबसे पहले उठती है और रात में सबसे बाद में सोती है। नौकरीपेशा महिलाएं भी परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं। बच्चों की शिक्षा, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण में माताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए छात्रों से रामायण से संबंधित प्रश्न पूछा कि पुष्पक विमान का निर्माण किसने किया था। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रंथों और उनमें वर्णित अनेक प्रसंग आज भी शोध का विषय हैं। रामायण में वर्णित कुंभकर्ण के छह महीने सोने और छह महीने जागने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके विभिन्न पहलुओं पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन और शोध किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को भारतीय ज्ञान-विज्ञान की विरासत को समझने और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी शिक्षा एवं प्रतिभा का सदुपयोग करने का आह्वान किया।
