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बीजेपी पर भारी पड़े कॉकरोच…३० साल का गढ़ ३० दिनों में ढह गया!

-बांकीपुर में भाजपा का भ्रम टूटा, दतिया में भी जनता ने बाहर फेंका

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

भाजपा को कॉकरोचों से पंगा लेना भारी पड़ गया। जन-सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पहली बार चुनाव लड़कर न सिर्फ जीत दर्ज की बल्कि बीजेपी के गढ़ बांकीपुर को ऐसा हिलाया है कि देशभर में एक अलग संदेश गया है। बांकीपुर में ३२ राउंड में गिनती हुई और प्रशांत किशोर शुरू से ही आगे रहे। ३२ राउंड के बाद १९,३२४ वोटों के अंतर से उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी नीरज सिन्हा को हरा दिया। आरजेडी की रेखा गुप्ता तीसरे नंबर पर रहीं।
उधर, मध्य प्रदेश की दतिया सीट से भाजपा ने इस बार आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया था, लेकिन कांग्रेस के अनुभवी नेता घनश्याम सिंह ने उन्हें पराजित कर दिया।
अहंकारियों को भगवान ने ही नचा दिया
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी की हार को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह डबल इंजन की डबल हार है। अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। जो लोग खुद को भगवान से ऊपर समझते थे, उन्हें भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया और उनके घमंड का बुखार भी उतार दिया।
प्रशांत किशोर के प्लान से बीजेपी, जेडीयू में खलबली!
बिहार विधानसभा चुनाव में जन-सुराज पार्टी की करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने कहा था, संघर्ष जारी रहेगा। हम बिहार छोड़कर जाने वाले नहीं हैं। उसके बाद उन्हें बांकीपुर में मौका मिला, सीट हाई-प्रोफाइल थी। प्रशांत किशोर समझ गए, ये मौका है और उन्होंने भुना लिया। जीत बड़ी है, क्योंकि सीधा मुकाबला बीजेपी से था और बीजेपी के ही गढ़ में था। ‘स्कूल बैग’ लटकाए प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में बीजेपी का किला ध्वस्त कर दिया है। ३५ साल से बांकीपुर में बीजेपी का एकछत्र राज था। इस जीत के साथ ही लोकतंत्र की पाठशाला में प्रशांत किशोर की एंट्री हो चुकी है। वैसे तो बिहार में २४३ विधायक हैं, उनमें से एक प्रशांत किशोर हैं। लेकिन ये जीत जन-सुराज पार्टी के लिए जरूरी थी, उससे ज्यादा प्रशांत किशोर के लिए जरूरी थी।

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