-रात डेढ़ बजे हुई छापेमारी में ५ महिलाओं सहित २२ ग्राहक तंबाकू मिश्रित हुक्का पीते मिले
-मालिक और मैनेजर गिरफ्तार
सुरेश गोलानी / मुंबई
काशीगांव पुलिस ने बुधवार देर रात करीब १:३० बजे मीरा रोड स्थित एक लाउन्ज की आड़ में संचालित हुक्का पार्लर पर छापा मारकर मालिक और मैनेजर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान ५ महिलाओं सहित कुल २२ ग्राहक, जिनमें अधिकांश युवा थे, कथित रूप से तंबाकू मिश्रित हुक्के का सेवन करते हुए पाए गए। पुलिस उपायुक्त (जोन-१) राहुल चव्हाण को मिली गुप्त सूचना के आधार पर काशीगांव पुलिस ने मीरा-भायंदर रोड स्थित दो मंजिला नूरशाह कमर्शियल बिल्डिंग के रुफटॉप पर संचालित ट्री लाउन्ज किचन में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान के मालिक रुमान अखिल शेख और मैनेजर तैसर असगर पटेल को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध तथा व्यापार, वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, २००३ की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए शहर में कई बार रेस्टोरेंट और पार्लर देर रात तक अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। हर्बल हुक्के की आड़ में खुलेआम तंबाकू मिश्रित हुक्का परोसकर युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है। अधिकांश संचालक बिना किसी वैध अनुमति के केवल दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम (शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के लाइसेंस के आधार पर यह कारोबार चला रहे हैं। आरोप है कि मीरा-भायंदर महानगरपालिका का अग्निशमन विभाग तथा ठाणे का खाद्य एवं औषधि प्रशासन इन अवैध गतिविधियों पर आंखें मूंदे हुए हैं।
हर्बल हुक्के की आड़ में कानून का दुरुपयोग
अक्टूबर २०२५ में मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा हर्बल हुक्के की बिक्री को अनुमति दिए जाने के बाद मीरा-भायंदर के अनेक रेस्टोरेंट, बार, कैफे और होटलों के संचालक इस आदेश का कथित दुरुपयोग कर तंबाकू मिश्रित हुक्का परोस रहे हैं। इससे युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में पहुंच रही है।
आग लगने का भी बना रहता है खतरा
दिसंबर २०१७ में कमला मिल्स कंपाउंड स्थित दो होटलों में लगी भीषण आग, जिसमें १४ लोगों की मौत हुई थी, उसकी प्रारंभिक जांच में मुंबई फायर ब्रिगेड ने हुक्के में इस्तेमाल होने वाले चारकोल की चिंगारी को आग का प्रमुख कारण माना था। ऐसे में हुक्का पार्लरों का संचालन केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा बना हुआ है।
