सुरेश गोलानी
-२३% कमीशन ने सियासी गर्मी बढ़ाई!
-मनपा की संपत्तियां ३० साल तक गिरवी रखने की साजिश!
मीरा-भायंदर में शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी के बीच तू-तू, मैं-मैं, आरोप-प्रत्यारोप और अंदरूनी कलह का सिलसिला लगातार जारी है। ‘कंटेनर वॉर’ और ‘गड्ढा वॉर’ के बाद अब दोनों दलों के नेताओं के बीच मीरा भायंदर महानगरपालिका के ५०० करोड़ रुपए के प्रस्तावित ऋण को लेकर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। ज्ञात हो कि भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने शिंदे गुट के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि शहर की आंतरिक सड़कों के सीमेंट-कंक्रीटीकरण (सीसी) के लिए मनपा को धन की आवश्यकता थी। लगातार प्रयासों के बाद १७ नवंबर २०२२ को इस परियोजना को मंजूरी मिली थी। इसके तहत एक राष्ट्रीयकृत बैंक ने ५०० करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया था। लेकिन मनपा द्वारा कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद सरनाईक के दबाव के कारण इस प्रस्ताव को अब तक अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
मेहता ने मांग की है कि इस प्रस्ताव को तत्काल अंतिम मंजूरी दी जाए, अन्यथा सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए १० अगस्त को भाजपा की ओर से ‘रास्ता रोको’ आंदोलन किया जाएगा। इसके जवाब में शिंदे गुट ने भाजपा पर तीखा प्रहार किया है। शिंदे गुट का दावा है कि ५०० करोड़ रुपए का ऋण तो महज एक बहाना है। असल में भाजपा की नजर शहर के विकास पर नहीं, बल्कि ठेकेदारों से कथित तौर पर मिलने वाले २३ प्रतिशत कमीशन पर है। इसी के लिए मनपा की संपत्तियों को ३० वर्षों तक गिरवी रखने की साजिश रची जा रही है। शिंदे गुट ने यह भी सवाल उठाया है कि पहले से ही २१० करोड़ रुपए के कर्ज में डूबी मनपा पर ५०० करोड़ रुपए का नया ऋण थोपना क्या शहर के नागरिकों के साथ घोर अन्याय नहीं है?
मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, ऋण मंजूरी से किया इनकार
सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आधिकारिक तौर पर अनुरोध किया है कि वे इस ऋण को मंजूरी न दें और निविदा प्रक्रिया में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच कराएं। सरनाईक के अनुसार, शहर में ५०० करोड़ रुपए की सड़क निर्माण परियोजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और कुछ परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं। ऐसे में पहले ही पूरी हो चुकी परियोजनाओं के पुराने बिलों का भुगतान करने के लिए राज्य सरकार से ऋण लेने की अनुमति मांगना पूरी तरह अवैध और तर्कहीन है।
कौन है वसूलीबाज ‘कोठारी’? सीसी सड़क परियोजना में कथित भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने का दावा करते हुए सरनाईक ने कहा कि मनपा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उनके अनुसार, ‘कोठारी’ नामक एक व्यक्ति ठेकेदारों के बिलों को मंजूरी देने के लिए सीधे तौर पर २३ प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा है। आखिर यह २३ प्रतिशत कमीशन किसके लिए मांगा जा रहा है? यह सवाल अब गंभीर रूप से उठ खड़ा हुआ है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही कथित कमीशनखोरी और इसके पीछे के लोगों का सच सामने आ सकता है।
