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ड्रैगन का ‘मिशन ताइवान’ शुरू तीसरे विश्वयुद्ध की आहट!

-समंदर में एक के बाद एक द्वीपों को बना रहा सैन्य किले

-बनाया १० हजार फीट लंबा रनवे
चीन ने यहां १० हजार फीट लंबा रनवे, मजबूत एयरक्राफ्ट शेल्टर, ईंधन और हथियारों के लिए स्टोरेज, रडार और सेंसर सिस्टम और ऐसे हैंगर बनाए हैं जिनमें दो दर्जन लड़ाकू विमान या कई बड़े विमान रखे जा सकते हैं। चीन की तरफ से और ज्यादा इलाके पर कब्जा करने की तमाम कोशिशों के बावजूद फिलीपींस शी जिनपिंग के लिए एक बड़ी मुश्किल बन गया है।

एजेंसी / बीजिंग
चीन लगातार युद्ध की तैयारी कर रहा है। एक तरफ जहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आदेश पर चीनी सेना को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है, वहीं समुद्र के अंदर भी किलाबंदी की जा रही है। चीन ताइवान पर कब्जा करना चाहता है और फिलीपींस और जापान जैसे देश उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में आशंका है कि चीन पहले फिलीपींस को दबोचने की तैयारी कर रहा है। चीन की इस कोशिश में एक जर्जर अमेरिकी युद्धपोत युद्ध का केंद्र बन सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, समुद्र में बसे द्वीपों पर चीन द्वारा सैन्य किले बनाना तीसरे विश्वयुद्ध की आहट है।
शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन दशकों से साउथ चाइना सी में अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। बीजिंग पहले ही इस इलाके के लगभग ९० प्रतिशत हिस्से पर अपना दावा करता है लेकिन शी जिनपिंग इस बात पर अड़े हैं कि व्यापार और नौसैनिक क्षमताओं पर एकाधिकार बनाने के लिए उन्हें और भी ज्यादा हिस्से पर नियंत्रण करना चाहिए। माना जा रहा है द्वीपों को समुद्री किलों में तब्दील कर चीन अब ‘मिशन ताइवान’ शुरू कर चुका है।
सबसे विवादित इलाकों में से एक
स्प्राटली आइलैंड्स जिस पर अभी चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान अपना दावा करते हैं। १०० से ज्यादा रीफ से बने इस इलाके में चीन को आस-पास के तीन द्वीपों पर नए मिलिट्री बेस बनाते हुए देखा गया है। चौंकाने वाले सर्विलांस फुटेज से पता चलता है कि सबसे अहम जगहों पर मौजूद कुछ बड़ी रीफ अब चीनी मिलिट्री के साजो-सामान से भरी हुई हैं।
बना रहा है ‘किल जोन’
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन दक्षिण चीन सागर के विवादित रीफ्स और एटॉल्स जैसे स्प्रैटली और अन्य रीफ्स पर लगातार निर्माण कार्य और सैन्यीकरण कर रहा है, जिसे अमेरिकी रक्षा विश्लेषक रणनीतिक बढ़त और ‘किल जोन’ बनाने के प्रयास के रूप में देखते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच ताइवान के मुद्दे और अमेरिकी हथियारों की बिक्री को लेकर तीखी बयानबाजी और कूटनीतिक खींचतान जारी है।
दक्षिण चीन सागर में शुरू तैयारी
हेनरी जैक्सन सोसाइटी के नेशनल सिक्योरिटी सेंटर के डायरेक्टर जॉन हेमिंग्स ने ‘द सन’ की एक रिपोर्ट में कहा ‘चीन साउथ चाइना सी को अपना इलाका मानता है।’ जानकारों का कहना है कि अगर चीन पूरे इलाके पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश जारी रखता है तो सबसे ज्यादा नुकसान फिलीपींस को होगा। इसके पीछे बड़ी वजह ये है कि फिलीपींस अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक अस्तित्व के लिए साउथ चाइना सी पर बहुत ज्यादा निर्भर है क्योंकि यह शिपिंग का एक अहम रास्ता है।

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