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नीट के बाद अब नौकरी के नाम पर ठगी!

-भाजपा सरकार में बेरोजगार युवाओं के सपनों से खिलवाड़
-रोजगार के इंतजार में युवा, ठगी के जाल में फंसने को मजबूर!

-न्याय की आस में बैठे युवाओं का कहना है कि आखिर महाराष्ट्र में बेरोजगार युवाओं को सरकारी भर्ती जैसी प्रक्रिया का झांसा देकर पैसे वसूलने वालों पर कार्रवाई कब होगी? नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठने के बाद भी यदि नौकरी और परीक्षा के नाम पर युवाओं को कथित तौर पर ठगा जा रहा है, तो यह भाजपा सरकार की भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सामना संवाददाता / मुंबई
देश में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से डगमगा चुका है। जंतर-मंतर पर देशभर के युवाओं ने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की और लगातार चले आंदोलन के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तक देना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद परीक्षा और नौकरी के नाम पर युवाओं को कथित तौर पर ठगने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।
अब छत्रपति संभाजीनगर से ऐसा ही एक चौंकानेवाला मामला सामने आया है, जहां विमानतल पर आकर्षक नौकरी दिलाने का लालच देकर महाराष्ट्र के हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं से ५०० से ७०० रुपये वसूले गए हैं, जिसे लेकर युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
युवाओं का आरोप है कि नौकरी का सुनहरा सपना दिखाकर उन्हें परीक्षा के नाम पर छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा स्थित एक विद्यालय में बुलाया गया। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन भरवाया गया और सरकारी भर्ती जैसी पारदर्शी प्रक्रिया का भरोसा दिलाया गया। प्रत्येक अभ्यर्थी से ५०० से ७०० रुपए तक परीक्षा शुल्क लिया गया। युवाओं को बताया गया कि चयन होने पर उन्हें विमानतल पर नौकरी मिलेगी और करीब २५ हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।
नौकरी की उम्मीद में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों युवा परीक्षा देने संभाजीनगर पहुंचे। लेकिन परीक्षा केंद्र पर पहुंचते ही उनके सामने कथित व्यवस्था की पोल खुल गई। जिस ऑनलाइन कंप्यूटर परीक्षा का दावा किया गया था, वहां एक भी कंप्यूटर उपलब्ध नहीं था।
जब अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए तो परीक्षा कराने पहुंची कथित ‘थर्ड पार्टी’ कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। विद्यार्थियों का आरोप है कि संबंधित कंपनी के लोगों ने साफ कहा कि उन्हें परीक्षा के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे युवाओं को जब कथित फर्जीवाड़े का अंदेशा हुआ तो परीक्षा केंद्र पर भारी आक्रोश पैâल गया।

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