मुख्यपृष्ठनए समाचारसहकारिता क्षेत्र में ‘गुंडागर्दी’ की घुसपैठ!

सहकारिता क्षेत्र में ‘गुंडागर्दी’ की घुसपैठ!

-जयंत पाटील ने सरकार पर बोला हमला
-दबाव, डर और आपराधियों के बढ़ते हस्तक्षेप से शुरू है सत्ता हथियाने का खतरनाक खेल
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की सहकारिता व्यवस्था को राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, लेकिन अब इसी सहकार क्षेत्र में कथित तौर पर दबाव, डर और आपराधिक प्रवृत्तियों के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटील ने मंगलवार को महायुति सरकार पर सीधे हमला बोलते हुए कहा कि सहकार क्षेत्र में आपराधिक प्रवृत्तियों की घुसपैठ को समय रहते नहीं रोका गया तो सहकारिता के मूल उद्देश्य पर ही चोट पहुंचेगी।
सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की ९९वीं वार्षिक आमसभा में बोलते हुए जयंत पाटील ने कहा कि सांगली जिले में पहले चुनाव खुले तौर पर और लोकतांत्रिक तरीके से लड़े जाते थे। सत्ता हासिल करने के लिए लोगों को डराने या उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए दबाव बनाने की परंपरा नहीं थी। लेकिन अब कुछ स्थानों पर सहकारी संस्थाओं के संचालकों को कथित तौर पर अपने पक्ष में करने और प्रस्तावों में नाम शामिल कराने के लिए दबाव बनाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
जिला बैंक के आगामी चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी दौरान संस्था प्रतिनिधियों के नाम प्रस्ताव के जरिए मंगाए गए हैं। आरोप है कि प्रस्ताव में नाम शामिल कराने के लिए कुछ स्थानों पर सहकारी संस्थाओं के संचालकों को अपने पक्ष में करने की कोशिशें हुईं। इसी घटनाक्रम पर जयंत पाटील ने तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि लोगों को डराकर प्रस्ताव पारित कराने और सत्ता हासिल करने की प्रवृत्ति बढ़ती गई तो इसका सीधा नुकसान सहकारिता के मूल उद्देश्य को होगा। सहकार आंदोलन का उद्देश्य आम लोगों को आर्थिक मदद और मजबूती देना है, न कि भय और दबाव के जरिए संस्थाओं पर कब्जा करना।

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