अनिल मिश्र / पटना
‘पत्रकारिता सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। हमेशा अपनी सूचना को क्रॉस-चेक करें और जनता तक केवल सही जानकारी ही पहुंचाएं। उक्त वक्तव्य जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक श्री आशुतोष भटनागर ने बिहार प्रदेश के गया जी जिला अंतर्गत पंचानपुर में स्थित दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के जनसंचार विभाग में आयोजित विशेष व्याख्यान में कही |अपने संबोधन में मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों और इसके इतिहास पर विस्तार से जानकारी दी।इस बीच श्री भटनागर ने इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में यह जानना बेहद जरूरी है कि सूचना की प्रामाणिकता कैसे तय की जाए। उन्होंने अपने पत्रकारिता के जीवन के तीस वर्षों का अनुभव साझा करते हुए ‘हिंदुस्तान समाचार’ एजेंसी की कार्यप्रणाली और इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हमेशा खबरों की तह तक जाएं। श्री भटनागर ने आपातकाल और देश के कई अन्य बड़े घटनाक्रमों की भी चर्चा की। सत्र के दौरान उन्होंने ‘खोजी पत्रकारिता’ पर विशेष प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को इसके लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खोजी पत्रकारिता के लिए गहन शोध और गहरी नजर का होना बहुत आवश्यक है। अखबार पढ़ने के सही तरीके को समझाते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अखबार में छपने वाली हर खबर, यह सोचें कि कोई खबर क्यों छपी है, और जो खबर नहीं छपी, उसके पीछे क्या कारण है? श्री भटनागर ने कहा कि खबर समाज के हर हिस्से में मौजूद है, बस उसे ढूंढने की पैनी नजर विकसित करने की जरूरत है। सत्र के दौरान उन्होंने चर्चा की कि यदि आपको भारत में सफल पत्रकारिता करनी है, तो देश को गहराई से जानना होगा। पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है। अपने संबोधन में उन्होंने धारा 370 से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल कार्य हमेशा सच के साथ खड़े होना है और इसकी गंभीरता को बनाए रखना आने वाली पीढ़ी के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है।इस संबंध में दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी)के जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि विभागाध्यक्ष प्रो. आतिश पराशर ने मुख्य अतिथि श्री आशुतोष भटनागर को अंग वस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया | स्वागत भाषण में प्रो आतिश पराशर ने अतिथि का परिचय करवाते हुए व्याख्यान के विषयवस्तु पर प्रकाश डाला | इस विशेष सत्र में छात्रों के साथ विभाग के संकाय सदस्य डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. अनिंद्या देब, डॉ. अनुज कुमार सिंह एवं डॉ. नेहा सूर्यवंशी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. नेहा सूर्यवंशी ने प्रस्तुत किया। सत्र के अंत में एक प्रश्नोत्तर काल का आयोजन किया गया, जिसमें स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि से उत्साहपूर्वक सवाल पूछे |
