-चुनावों पर होगा असर
ई राज
अमेरिकी राजनीति में मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति की अप्रूवल रेटिंग यानी स्वीकृति रेटिंग को उनकी सरकार के प्रदर्शन और आगामी चुनावों में उनकी पार्टी की संभावनाओं का एक प्रमुख संकेतक माना जाता है। प्रमुख ओपिनियन पोल एजेंसियों के आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि चुनावों से ठीक पहले प्रेसिडेंट ट्रंप की स्थिति अपने पूर्ववर्तियों (जैसे जो बाइडेन, बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश) की तुलना में कमजोर या ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है।
१. अप्रूवल रेटिंग में गिरावट और पूर्ववर्तियों से तुलना
विभिन्न सर्वेक्षणों और गैलप व बैलट पीडीया जैसे प्रमुख पोलिंग इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, मध्यावधि चुनावों के पहले राष्ट्रपति की जन स्वीकृति लगभग ३९ प्रतिशत से ४१ प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई है।
इसकी तुलना यदि उनके पूर्ववर्तियों से की जाए:
बराक ओबामा : २०१० के मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ओबामा की अप्रूवल रेटिंग लगभग ४५ प्रतिशत से ४८ प्रतिशत के बीच थी।
जॉर्ज डब्ल्यू बुश: २००६ के चुनावों से पहले बुश की अप्रूवल रेटिंग घटकर करीब ३८ प्रतिशत से ४२ प्रतिशत रह गई थी, जिसके कारण रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान हुआ था।
जो बाइडेन: २०२२ के मध्यावधि चुनावों के समय बाइडेन की रेटिंग भी ४० प्रतिशत से ४२ प्रतिशत के बीच झूल रही थी। वर्तमान राष्ट्रपति की स्थिति इन सभी के मुकाबले या तो उनके समकक्ष है या कई मानकों पर उनसे भी कमतर नजर आ रही है।
२. कमजोर स्थिति के मुख्य कारण
पोलस्टर्स के अनुसार, प्रेसिडेंट ट्रंप की लोकप्रियता में इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।
आर्थिक चिंताएं: महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और आर्थिक अनिश्चितता को लेकर मतदाताओं में व्यापक असंतोष है।
तीव्र राजनीतिक ध्रुवीकरण: अमेरिकी राजनीति में दलीय विभाजन इतना गहरा हो चुका है कि विपक्षी पार्टी के समर्थकों से प्रेसिडेंट को मिलने वाला समर्थन नगण्य (५ प्रतिशत से भी कम) रह गया है।
नीतियों पर असंतोष: सीमा सुरक्षा, विदेश नीति और घरेलू मुद्दों पर मतदाताओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया ने राष्ट्रपति के ‘स्वतंत्र’ मतदाताओं के आधार को कमजोर किया है।
३. चुनावों पर संभावित प्रभाव
ऐतिहासिक रूप से, जब भी किसी राष्ट्रपति की अप्रूवल रेटिंग ५०प्रतिशत से नीचे होती है, तो मध्यावधि चुनावों में सत्ताधारी पार्टी को हाउस का रिप्रेजेंटेटिव यानी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में सीटें गंवानी पड़ती हैं।
लुब्बोलुआब ये कि दो प्रमुख एजेंसी पोलस्टर्स के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि प्रेसिडेंट ट्रंप मध्यावधि चुनाव के मुहाने पर एक कठिन राजनीतिक स्थिति से गुजर रहे हैं। पोलस्टर्स का मानना है कि यदि यह रुझान चुनाव के दिन तक जारी रहता है, तो सत्ताधारी दल को विधायी बहुमत बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
