मुख्यपृष्ठनए समाचारमहायुति में दरार?

महायुति में दरार?

-एमएमआरडीए कार्यक्रम से शिंदे की दूरी ने बढ़ाई सियासी हलचल
-निमंत्रण पत्र में नाम, फिर भी कार्यक्रम से नदारद रहे उपमुख्यमंत्री;
-गठबंधन में अंदरूनी खींचतान की चर्चाओं को मिला नया मुद्दा

जेदवी / मुंबई
महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज महायुति के तीनों घटक दलों के बीच सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं, इस सवाल ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ लिया है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की गैरमौजूदगी ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। खास बात यह रही कि कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में शिंदे का नाम प्रमुखता से शामिल था, इसके बावजूद वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
गुरुवार को एमएमआरडीए की चार बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरकार से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी स्वाभाविक मानी जा रही थी। ऐसे में ऐन वक्त पर शिंदे की गैरहाजिरी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले कुछ दिनों से महायुति के तीनों घटक दलों के बीच मतभेद, खींचतान और समन्वय की कमी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन कथित अंदरूनी मतभेदों का अब तक कोई स्पष्ट सार्वजनिक चेहरा सामने नहीं आया था। ऐसे में सरकारी कार्यक्रम में निमंत्रण के बावजूद शिंदे का न पहुंचना इन चर्चाओं के लिए नया मुद्दा बन गया है।
क्या शिंदे की गैरमौजूदगी महायुति के भीतर चल रही नाराजगी का संकेत है? क्या सहयोगी दलों के बीच समन्वय में दरार बढ़ रही है? या फिर उनकी गैरहाजिरी महज एक संयोग है? इन सवालों को लेकर राजनीतिक अटकलों का दौर तेज हो गया है।
सरकारी कार्यक्रम में नाम होने के बावजूद उपमुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी ने महायुति की अंदरूनी सियासत पर सवालिया निशान जरूर लगा दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह कथित खींचतान खुलकर सामने आती है या महायुति के नेता इसे महज संयोग बताकर उठे सवालों पर पर्दा डालने में कामयाब होते हैं।

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