-भाजपा कार्यकर्ता फरार, मंत्री के रिश्तेदार समेत तीन हिरासत में; ५४१ करोड़ के कथित खेल से सनसनी
सामना संवाददाता / मुंबई
सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों से पहले ही नासिक में कथित फर्जी कार्यादेश के बड़े मामले ने प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। कुंभ मेले के रखरखाव कार्यों के नाम पर अब तक करीब ५४१ करोड़ रुपए के फर्जी कार्यादेश तैयार किए जाने का संदेह जताया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जामनेर से तनय महाजन और नरेंद्र महाजन को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें तनय महाजन का संबंध मंत्री गिरीश महाजन के दूर के रिश्तेदार के रूप में बताया जा रहा है।
मंत्री गिरीश महाजन ने स्वयं फर्जी कार्यादेश जारी किए जाने की शिकायत नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक से की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए मामले का दायरा बढ़ाया है। इसी कार्रवाई में ओझर और जामनेर निवासी अक्षय राजपूत को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को उससे कथित नेटवर्क और फर्जी कार्यादेशों के पीछे सक्रिय लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कुंभ के काम से नौकरी के नाम पर वसूली तक?
जांच में अब कथित वसूली के दूसरे पहलुओं की भी पड़ताल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, कुंभ मेले के संदर्भ में कथित तौर पर पांच से छह भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बेरोजगारों और जरूरतमंदों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामसेवक, पुलिस पाटील और शिक्षक जैसी सरकारी नौकरियां दिलाने के नाम पर रकम लेने की शिकायतें मंत्री तक पहुंचने की बात कही जा रही है। यदि फर्जी कार्यादेश और नौकरी के नाम पर कथित वसूली के बीच कोई वित्तीय या आपराधिक कड़ी सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
भाजपा कार्यकर्ता के फरार होने से बढ़े सवाल
मामले में एक और चौंकानेवाला पहलू सामने आया है। शिक्षक और भाजपा कार्यकर्ता अहमद समशुद्दीन के फरार होने की बात कही जा रही है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस पूरे प्रकरण में कई अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। मंत्री गिरीश महाजन ने खुद आशंका जताई है कि कई वर्षों से वसूली का कोई रैकेट सक्रिय हो सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि फर्जी कार्यादेश का कथित खेल वास्तव में कितना पुराना है और इसकी जड़ें कहां तक पैâली हुई हैं।
