राजेश सरकार / प्रयागराज
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर दूर बैठे भाइयों को राखी भेजने निकलीं बहनों को आज भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। प्रयागराज के प्रधान डाकघर में डाक विभाग की घोर लापरवाही के कारण महिलाओं को घंटों लंबी-लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। हर साल त्योहारों पर विशेष तैयारी का दावा करने वाले डाक विभाग ने इस बार बहनों की सहूलियत के लिए एक भी स्पेशल काउंटर नहीं खोला। प्रधान डाकघर में सुबह से ही राखी स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री कराने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। देखते ही देखते परिसर के बाहर तक लंबी कतारें लग गईं। काउंटर सीमित होने और अतिरिक्त स्टाफ न होने के कारण काम कछुआ गति से चलता रहा। अपनी बारी के लिए महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को दो से तीन घंटे तक धूप और उमस के बीच लाइन में संघर्ष करना पड़ा। जब इस अव्यवस्था को लेकर डाकघर के कर्मचारियों से बात की गई, तो उन्होंने दबी जुबान में ब्यूरोक्रेटिक प्रक्रिया (अफसरशाही) को जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारियों का कहना था कि त्योहार के सीजन में अचानक भीड़ बढ़ गई, लेकिन उच्च स्तर से अतिरिक्त काउंटर खोलने या अतिरिक्त जनशक्ति (स्टाफ) तैनात करने की मंजूरी नहीं मिली थी। इसी वजह से सर्विस धीमी रही। डाकघर में मची इस अफरातफरी और महिलाओं की परेशानी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। नेटिजन्स डाक विभाग के रवैये की तीखी आलोचना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में भी अगर त्योहारों पर ऐसी कतारें लग रही हैं, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक नाकामी है। जनता ने मांग की है कि त्योहारों पर महिलाओं के लिए तत्काल प्राथमिकता काउंटर शुरू किए जाएं। इस पूरी अव्यवस्था पर जब डाक विभाग के आला अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। विभाग के इस मौन रवैये से जनता में आक्रोश और बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि क्या भविष्य के त्योहारों पर विभाग अपनी कुंभकरणी नींद से जागेगा या बहनें यूं ही कतारों में पसीना बहाती रहेंगी।
