उमेश गुप्ता / वाराणसी
फेडरेशन ऑफ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोशियशन्स ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के तीन दिवसीय 56 वें वार्षिक सम्मलेन अनंत काशी का शुक्रवार को नदेसर स्थित होटल ताज गैंगेज में भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उड़ीसा के उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव, लाओ पीपल ऑफ डेमेक्रेटिक रिपब्लिक के भारत मे राजदूत विथाया जायावोंग, गोआ के पर्यटन मंत्री रोहन ए खाउते, प्रदेश के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल, मेवाड़, उदयपुर के महाराजा लक्ष्यराज सिंह, अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जायसवाल, यूरोपीय होटल संघ के डीमिट्रिएस मनिकिस सहित अन्य विशिष्टजनों ने वैदिक मंगलाचरण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मलेन का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कहा की मेहमाननवाजी हमारे संस्कार में है, अतिथि देवो भवः कहकर हम उन्हें ईश्वर का स्वरूप मानकर पूजते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील का प्रभाव है कि पूरी दुनिया पश्चिमी देशों को छोड़कर भारत का रुख कर रहे है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी में अविस्मरणीय परिवर्तन हुआ है, जिसे पूरी दुनिया महसूस कर रही है। 2014 के बाद इंडियन डायसपोरा का भी मान सम्मान बढ़ा है जिसे हम सभी गर्वित महसूस कर रहे है। उन्होंने कहा कि जेन जी और जेन अल्फा भारत के भविष्य है, इन्हें संस्कारित करने की जिम्मेवारी काशी की है।
विशिष्ट अतिथि लाओ पीपल ऑफ डेमेक्रेटिक रिपब्लिक के भारत मे राजदूत विथाया जायावोंग ने कहा कि भारत और लाओ को बुद्धिज्म एक साथ जोड़ता है। बनारस उसमें एक अहम कड़ी है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और लाओ के बीच रिश्ते काफी प्रगाढ़ हुए है, जिसका सकारात्मक प्रभाव पर्यटन पर पड़ रहा है। हम भारतीयों को लाओ की भूमि पर आमंत्रित करते है।
उड़ीसा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने कहा कि काशी सिर्फ एक घूमने की जगह नहीं है, यहाँ आध्यात्मिक शक्ति को महसूस किया जाता है। हम प्रभु जगन्नाथ की भूमि से महादेव की नगरी काशी के बीच पर्यटन बढ़ाने के लिए बेहद उत्सुक है। काशी और पुरी के बीच का रिश्ता हमारे लिए बहुत अहम है।
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए खाउते ने कहा कि काशी और गोवा भारत के पर्यटन के सबसे प्रसिद्ध स्थान है, हमारे बीच एक खास रिश्ता है, गोवा को दक्षिण काशी भी कहा जाता है। हम काशी ओर गोवा के मध्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ाने पर भी काम कर रहे है। उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं पंजीयन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल ने कहा कि आज भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्था में शामिल हो चुका है तो उसका श्रेय पर्यटन और होटल इंडस्ट्री को जाता है।
मेवाड़, उदयपुर के महाराजा डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि आज काशी में पर्यटन की दुनिया बन गयी है, 21 वी सदी भारत की ही है इसके लिए हमारी संस्कृति और संस्कार ही सबसे बड़े सहायक होंगे। दुनियाभर में युद्ध के बीच भारत मे ही शान्ति है जो किसी आश्चर्य से कम नही है, यही कारण है कि भारत पर्यटन में शीर्ष पर रहेगा।
यूरोपीय होटल्स संघ के अध्यक्ष डीमिट्रिएस मनिकिस ने कहा कि वें दुनिया के सौ से अधिक देश जा चुके है लेकिन भारत जैसा आतिथ्य दुनिया मे किसी देश मे नही है, यहाँ की अतिथि देवो भवो की संस्कृति इसे सबसे अलग बनाती है। समारोह की अध्यक्षता सुरेंद्र कुमार जायसवाल, स्वागत आयोजन सचिव गरिश ओबेरॉय एवं धन्यवाद ज्ञापन केबी कचरू ने दिया।
15 विभूतियों को मिला भारत गौरव अवार्ड
सम्मलेन में काशी के संगीत, कला एवं संस्कृति से जुड़ी हुई विभूतियों को एफएचारएआई भारत गौरव अवार्ड दिया गया। इसमें भारत रत्न स्व. पं. रविशंकर, भारत रत्न स्व. उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान, स्व. मुंशी प्रेमचंद, पदम विभूषण स्व. पं. किशन महाराज, पदम विभूषण स्व. गिरिजा देवी, पद्म विभूषण पं.छन्नूलाल मिश्रा, पदम भूषण पं. देवी प्रसाद द्विवेदी, पद्मश्री डॉ. हरिहर कृपालु त्रिपाठी, पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा, पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य, पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह, पद्मश्री डॉ. मंगला कपूर, पद्मश्री पं. गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, डॉ. नागेंद्र पाण्डेय जैसी विभूतियों को यह सम्मान दिया गया।
काशी के संगीत से रूबरू हुए डेलीगेट्स
सम्मेलन में देश दुनिया से आये 1,400 से अधिक डेलीगेट्स ने बनारस घराने की समृद्ध सांगीतिक परंपरा का भी अवलोकन किया। सम्मलेन में प्रख्यात सितार वादक पं. देवब्रत मिश्र का सितार वादन हुआ, उन्होने पधारो म्हारो देश की मनमोहक प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके अलावा रुद्र शंकर मिश्र का कथक एवं उस्ताद रिजवान हैदर का शहनाई वादन हुआ।
