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खजूरी खास के सरकारी बालिका विद्यालय में यातायात जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बताए सड़क सुरक्षा के नियम

योगेश कुमार सोनी / पूर्वी दिल्ली

पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास स्थित राजकीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार को यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क पर चलते तथा सड़क पार करते समय सुरक्षित तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यातायात पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी और छोटी सी लापरवाही से होने वाले हादसों के प्रति सचेत किया।
कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि सड़क पर निकलते समय यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को सड़क पार करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जल्दबाजी या गलत स्थान से सड़क पार करना दुर्घटना का कारण बन सकता है।
छात्राओं को समझाया गया कि सड़क पार करने के लिए जहां फुट ओवर ब्रिज (FOB) उपलब्ध हो, वहां उसका इस्तेमाल करना चाहिए। व्यस्त सड़कों पर वाहनों के बीच से निकलने या अचानक सड़क पार करने के बजाय निर्धारित और सुरक्षित रास्ते का उपयोग करना ज्यादा सुरक्षित है। यातायात पुलिस ने बताया कि इस तरह की छोटी-छोटी सावधानियां गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं।अधिकारियों ने छात्राओं को सड़क पार करने से पहले दोनों तरफ से आने वाले वाहनों पर ध्यान देने और पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह दी। इसके साथ ही यातायात संकेतों और सड़क पर लगे संकेतक बोर्डों को समझने तथा उनका पालन करने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जिम्मेदारी नहीं है। पैदल यात्रियों को भी निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए। यदि पैदल यात्री सुरक्षित स्थान से सड़क पार करें और यातायात संकेतों का ध्यान रखें तो कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
यातायात पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि स्कूल आने-जाने के दौरान सड़क पर किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें। सड़क पार करते समय पूरा ध्यान यातायात पर होना चाहिए और सुरक्षित मार्ग को प्राथमिकता देनी चाहिए। खासकर अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में फुट ओवर ब्रिज जैसी सुविधाओं का नियमित इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं तक सड़क सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने के साथ उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित करना था। अधिकारियों ने कहा कि बच्चे यदि कम उम्र से ही यातायात नियमों को अपनी आदत का हिस्सा बना लें तो भविष्य में वे जिम्मेदार नागरिक और सुरक्षित सड़क उपयोगकर्ता बन सकते हैं।

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