-मुंबई-ठाणे में मलेरिया-डेंग्यू का बढ़ता खतरा
-ठाणे, पालघर और मीरा-भायंदर में भी बढ़ी चिंता
सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र में बारिश के साथ ही मच्छरजनित बीमारियों ने अपना कहर बढ़ाना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के २१ अगस्त तक के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। राज्य में अब तक १२,२१९ मलेरिया, ६,३७९ डेंग्यू और १,०९३ चिकुनगुनिया के मरीज सामने आ चुके हैं। सबसे गंभीर स्थिति मुंबई की है, जहां अकेले महानगरपालिका क्षेत्र में ६,३३९ मलेरिया और १,८१० डेंग्यू मरीज दर्ज किए गए हैं। मुंबई के साथ ठाणे, पालघर और मीरा-भायंदर में भी मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। नतीजा यह है कि बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है और स्वास्थ्य विभाग के सामने मलेरिया तथा डेंग्यू की रोकथाम बड़ी चुनौती बनती जा रही है। खासकर मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मलेरिया में मुंबई सबसे आगे
राज्य में मलेरिया के कुल १२,२१९ मरीज सामने आए हैं। हालांकि पिछले वर्ष २१ अगस्त तक यह संख्या १३,६५८ थी, यानी इस वर्ष मलेरिया के मरीजों की संख्या कुछ कम है। इसके बावजूद मुंबई की स्थिति बेहद गंभीर है। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में अकेले ६,३३९ मलेरिया मरीज पाए गए हैं। इनमें १,२०० मरीज पी.एफ. प्रकार के हैं। इसके बाद ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में ५०२, पनवेल में ३९४ और मीरा-भायंदर में १०० मरीज दर्ज किए गए हैं।
डेंग्यू ने बढ़ाई चिंता
मलेरिया के मुकाबले डेंग्यू की तस्वीर इस वर्ष ज्यादा चिंताजनक है। पिछले वर्ष २१ अगस्त तक राज्य में डेंग्यू के ४,३४४ मरीज मिले थे। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर ६,३७९ हो गई है। यानी एक साल के भीतर डेंग्यू के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डेंग्यू से इस वर्ष राज्य में तीन मौतें भी दर्ज की गई हैं।
डेंग्यू के मामले में भी मुंबई सबसे आगे है। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में १,८१० मरीज सामने आए हैं। इसके बाद पुणे महानगरपालिका क्षेत्र में १,१४० और ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में ४५० मरीज मिले हैं। जिलों में पालघर में २४० और पुणे में १९३ डेंग्यू मरीजों की पुष्टि हुई है।
मुंबई के बाद ठाणे और पालघर भी मच्छरजनित बीमारियों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र बनते जा रहे हैं। ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में मलेरिया के ५०२ और डेंग्यू के ४५० मरीज सामने आ चुके हैं। पालघर जिले में डेंग्यू के २४० मरीज मिले हैं।
मुंबई में सबसे बड़ा खतरा
मुंबई में मलेरिया और डेंग्यू के लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के दौरान निर्माण स्थलों, खाली भूखंडों, नालियों, छतों और घरों के आसपास जमा पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। ऐसे में इन स्थानों की नियमित सफाई और पानी जमा न होने देना बेहद जरूरी है।
