मुख्यपृष्ठनए समाचारगुजरात में चांदीपुरा का कहर, मुंबई में अलर्ट!

गुजरात में चांदीपुरा का कहर, मुंबई में अलर्ट!

-पहला मरीज आने का इंतजार करेगी सरकार या पहले ही जागेगा स्वास्थ्य तंत्र?

सामना संवाददाता / मुंबई

गुजरात में चांदीपुरा वायरस से करीब ३० लोगों की मौत की खबर ने महाराष्ट्र और मुंबई के स्वास्थ्य तंत्र की चिंता बढ़ा दी है। गुजरात में संक्रमण के मामले सामने आने और राजस्थान तक इसके पैâलने के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम तैनात कर दी है। मुंबई में फिलहाल इस वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन डॉक्टरों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
चांदीपुरा वायरस को लेकर सबसे बड़ा खतरा बच्चों पर बताया जा रहा है। संक्रमण तेजी से बढ़ने पर यह एक्यूट एंसेफलाइटिस यानी मस्तिष्क में गंभीर सूजन जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। यही वजह है कि गुजरात में मौतों के बढ़ते आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
मुंबई कितनी तैयार?
मुंबई में अभी कोई केस न मिलना राहत की बात जरूर है, लेकिन इसे खतरा टलने की गारंटी नहीं माना जा सकता। मानसून के मौसम में मच्छरों और अन्य कीटों से जुड़ी बीमारियों का खतरा पहले से बढ़ा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी, संदिग्ध मामलों की तत्काल पहचान और अस्पतालों की तैयारी सबसे अहम हो जाती है।
मुंबई में मामला नहीं, लेकिन खतरा नजरअंदाज नहीं!
महाराष्ट्र में अब तक चांदीपुरा वायरस का कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है। इसके बावजूद, मुंबई जैसे घनी आबादीवाले शहर में किसी भी संभावित संक्रमण को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। डॉक्टरों ने संदिग्ध मामलों पर नजर रखने और बच्चों में अचानक तेज बुखार, उलझन, दौरे या न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने की जरूरत बताई है। गुजरात में संक्रमण के बाद केंद्र की टीम के सक्रिय होने से साफ है कि सरकार अब वायरस के प्रसार को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा रही है। चांदीपुरा वायरस का इतिहास भी नया नहीं है; इसके प्रकोप में बच्चों में गंभीर बीमारी और मौत के मामले सामने आते रहे हैं।

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