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कैंसर के दर्द से हारी जिंदगी: करछना में रेलवे ट्रैक पर मिला सफाई कर्मी का शव, अपनों को बिना बताए रात में निकला था घर से

राजेश सरकार / प्रयागराज

जिंदगी के थपेड़ों और असाध्य बीमारी के दर्द के आगे आखिरकार एक लाचार व्यवस्था और जिंदगी ने घुटने टेक दिए। यमुनापार के विकास खंड करछना में तैनात एक सफाई कर्मचारी का शव गुरुवार सुबह रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की शिनाख्त दिनेश कुमार के रूप में हुई है, जो करछना के ही मजरा करबालपुर का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि दिनेश कैंसर जैसी अत्यंत गंभीर और दर्दनाक बीमारी से जूझ रहा था। प्रथम दृष्टया, हालात और साक्ष्यों को देखकर यही अंदेशा जताया जा रहा है कि बीमारी के असहनीय दर्द और मानसिक तनाव के कारण उसने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
रात के अंधेरे में चुपचाप निकला, सुबह आई मौत की खबर
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दिनेश कुमार बुधवार की रात परिजनों को बिना कुछ बताए चुपचाप घर से निकल गया था। रातभर परिजन उसकी तलाश करते रहे, लेकिन सुबह होते ही जो खबर आई, उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। गुरुवार तड़के करछना-भीरपुर रेलवे स्टेशन के बीच भरहा गांव के सामने दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर उसका शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
कर्तव्यनिष्ठ कर्मी की दर्दनाक दास्तान
दिनेश कुमार इलाके का एक जाना-माना और कर्तव्यनिष्ठ सफाई कर्मी था। उसने पूर्व में विकास खंड करछना सहित क्षेत्र के कई गांवों में अपनी सेवाएं दी थीं। वर्तमान में उसकी तैनाती ककरम/सुलमई गांव में थी। जो हाथ दूसरों के परिवेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का काम करते थे, वह खुद अंदर ही अंदर कैंसर के जानलेवा दर्द से टूट रहा था। इस घटना ने एक बार फिर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके अकेलेपन पर एक बड़ा तार्किक सवाल खड़ा कर दिया है।
घटना की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है, ताकि मौत के असली कारणों और परिस्थितियों का पूरी तरह खुलासा हो सके।

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