मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई में ‘डेवलपमेंट’ या मौत का खेल?

मुंबई में ‘डेवलपमेंट’ या मौत का खेल?

-कांदिवली में क्रेन बनी आफत
-निर्माणाधीन इमारत से भरभराकर गिरा भारी हिस्सा

द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई में गगनचुंबी इमारतों के निर्माण की होड़ के बीच आम मुंबईकरों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी के चलते हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कांदिवली पश्चिम के साई नगर इलाके का है, जहां बुधवार को एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत पर लगी विशालकाय क्रेन का भारी हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। क्रेन का हिस्सा सड़क पर गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे के वक्त क्रेन के जरिए निर्माण सामग्री उठाने का काम चल रहा था। इसी दौरान क्रेन का एक भारी हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि जिस समय यह हिस्सा सड़क पर गिरा, उस वक्त वहां कोई राहगीर या वाहन सवार उसकी चपेट में नहीं आया। हालांकि, सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल इसकी चपेट में आ गई और देखते ही देखते उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आईं। हालांकि, हादसे की भयावहता ने निर्माण स्थल के आसपास रहने वाले नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।
बाल-बाल बची कई जानें
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि अगर हादसे के वक्त सड़क से कोई पैदल यात्री गुजर रहा होता या वहां कोई वाहन खड़ा होता तो क्या स्थिति होती? एक बाइक के चकनाचूर होने से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्रेन का हिस्सा कितना भारी था। ऐसे में यह हादसा बड़ी जनहानि में बदल सकता था।
मुंबई में निर्माणाधीन साइटों पर लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी क्रेन, निर्माण सामग्री और अन्य उपकरणों के गिरने से कई हादसे हो चुके हैं। वर्ष २०२४ में घाटकोपर में होर्डिंग और क्रेन हादसे में १७ लोगों की जान चली गई थी। वहीं, वर्ली में निर्माणाधीन इमारत से लोहे की छड़ सड़क पर गिरने की घटना में दो लोगों की मौत हुई थी।

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