चितवन में शवों की पहचान और संरक्षण पहले ही बड़ी चुनौती, अब लूट की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
एजेंसी/ काठमांडू/चितवन
नेपाल की विनाशकारी बाढ़ ने जहां हजारों परिवारों को उजाड़ दिया है, वहीं आपदा के बीच सामने आई एक घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दो युवक बाढ़ में बहकर आए एक शव से जेवर निकालते दिखाई दिए। वीडियो सामने आते ही भारी आक्रोश पैâल गया और चितवन पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान २५ वर्षीय मदन गुरुङ और ३८ वर्षीय उमेश चौधरी के रूप में हुई है। वायरल वीडियो के आधार पर दोनों की पहचान की गई और उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वीडियो में एक शव से सोने के कान के आभूषण निकालने की कोशिश दिखाई देती है। बाढ़ में बहकर आए शवों की पहचान और सुरक्षित रख-रखाव पहले से ही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। चितवन में बड़ी संख्या में शव बरामद हो रहे हैं और स्थानीय अस्पतालों की शव रखने की क्षमता सीमित पड़ रही है।
राहत-बचाव अभियान जारी
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब नेपाल में राहत-बचाव अभियान जारी है और सैकड़ों परिवार अपने परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं। बाढ़ ने केवल घर, सड़कें और जीवन नहीं छीने हैं; इस वायरल वीडियो ने आपदा के बीच मानवीय संवेदनाओं की सुरक्षा का भी सवाल खड़ा कर दिया है।
६४ शव बरामद
चितवन जिला पुलिस के अनुसार, गुरुवार तक वहां ६४ शव बरामद किए गए थे, जबकि पूरे रसुवा बाढ़ क्षेत्र से कुल बरामद शवों की संख्या कहीं अधिक बताई गई है। नेपाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आपदा पीड़ितों या शवों से किसी भी प्रकार की लूट अथवा अमानवीय व्यवहार की सूचना तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को दें।
