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बकाया बिलों से बेहाल ठेकेदार… मंत्री के दरवाजे पर मृत साथियों को श्रद्धांजलि!

-१,८९० करोड़ रुपए के कथित भुगतान ने भड़काया आक्रोश
-रविभवन में पुलिस से भिड़े ठेकेदार

सुनील ओसवाल / नागपुर

लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारों के १,८९० करोड़ रुपये के कथित बकाये ने अब सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भुगतान के लिए लंबे समय से चक्कर काट रहे ठेकेदारों का सब्र जवाब दे गया। सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले के लिए नागपुर स्थित आरक्षित रविभवन के कॉटेज क्रमांक ६ के बाहर ठेकेदारों ने न केवल जमकर आक्रोश जताया, बल्कि भुगतान के अभाव में आत्महत्या करने वाले अपने साथियों को श्रद्धांजलि भी दी।
नागपुर कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले जुटे ठेकेदारों ने सरकार से दो टूक कहा कि अब आश्वासन नहीं, बकाये का भुगतान चाहिए। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये के बिल अटके होने से ठेकेदार आर्थिक संकट में फंस गए हैं। इसी आर्थिक दबाव के चलते नागपुर के मुन्ना वर्मा, सांगली के हर्षल पाटील और नांदेड के गजानन देवकत्ते ने आत्महत्या की, ऐसा ठेकेदारों ने दावा किया।
रविभवन परिसर में मृत ठेकेदारों की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी। श्रद्धांजलि का फलक हटाने को लेकर पुलिस और ठेकेदार आमने-सामने आ गए। पुलिस के आग्रह के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी शाब्दिक झड़प हुई। ठेकेदारों का कहना था कि जब उनके साथी आर्थिक संकट में जान गवां रहे हैं, तब उनकी आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनके बकाये का जवाब देना चाहिए।
मंत्री आए नागपुर, लेकिन ठेकेदारों से मिलने नहीं पहुंचे
मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले के रविभवन पहुंचने की उम्मीद में ठेकेदार दोपहर से ही कॉटेज क्रमांक ६ के बाहर जमा थे। उनके लिए दोपहर २ से शाम ५ बजे तक का समय आरक्षित बताया गया था, लेकिन मंत्री रविभवन पहुंचे ही नहीं। ठेकेदारों के अनुसार, भोसले करीब ३ बजे नागपुर पहुंचे और रविभवन आने के बजाय एक विधायक के घर चले गए। इसके बाद वहां से सीधे विमानतल की ओर रवाना हो गए। मंत्री के इस कार्यक्रम से ठेकेदारों में नाराजगी और बढ़ गई। जिस मंत्री से बकाये के समाधान की उम्मीद थी, उनके सामने अपनी बात रखने का मौका तक नहीं मिला।

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