-बाढ़ की आहट से प्रशासन हाई अलर्ट पर
राजेश सरकार / प्रयागराज
संगमनगरी में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से आ रहे पानी के चलते दोनों नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था सक्रिय करते हुए 26 राहत शिविर तैयार किए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। बुधवार दोपहर लगभग पौने एक बजे की रिपोर्ट के मुताबिक नैनी में यमुना का जलस्तर 82.34 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले चार घंटे में 14 सेंटीमीटर बढ़ा है। राहत वाली खबर यह है कि फाफामऊ में गंगा 82.82 मीटर पर है और चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज हुई है। छतनाग में गंगा 81.91 मीटर पर है, जहां चार घंटे में चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। बख्शी बांध एसटीपी पर जलस्तर 82.45 मीटर दर्ज हुआ, जो चार घंटे में पांच सेंटीमीटर बढ़ा है।
जलस्तर के ताजा उपलब्ध सत्यापित आंकड़े चिंताजनक संकेत दे रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने की स्थिति में छोटा बघाड़ा, बघाड़ा, गंगा नगर, बेली गांव, राजापुर, न्यूआद, महेवा/मेहदौरी, चिल्ला, सलोरी, गोविंदपुर, दारागंज, सादियाबाद और बक्शी मोड़ा समेत आसपास के निचले इलाकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है। दारागंज की निचली बस्तियां पहले ही नदी के बढ़ते पानी का असर झेल चुकी हैं। यहां कई झोपड़ियों में पानी घुसने की रिपोर्ट सामने आई थी। संगम क्षेत्र और नदी किनारे के रास्तों पर भी पानी का असर बढ़ा है।
26 राहत शिविर, 98 बाढ़ चौकियां सक्रिय
बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 26 राहत शिविर तैयार किए हैं। जिले की छह तहसीलों में 98 बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है। एनडीआरएफ, पीएसी फ्लड कंट्रोल और जल पुलिस की टीमों को भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
आज स्कूल बंद, बारिश ने बढ़ाई चिंता
भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रयागराज में 2 सितंबर यानि बुधवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी बोर्ड के विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। नैऩी के स्कूलों ने भी जिला प्रशासन के आदेश के तहत अवकाश की सूचना जारी की है। इस बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में गंगा-यमुना के जलस्तर में फिर तेजी आने की आशंका से प्रशासन की निगाहें अगले 24 से 48 घंटे पर टिकी हैं। कि नदियों का बढ़ता पानी कहां जाकर ठहरेगा? फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है। जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी प्रयागराज के विशाल निचले क्षेत्र में बड़ी आबादी के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। प्रशासन भले ही राहत की तैयारी में जुटा हो, लेकिन नदी किनारे बसे परिवारों के लिए आने वाले घंटे बेहद अहम हैं।
