-आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को खुली चुनौती महायुति सरकार के लिए बढ़ा भारी संकट
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में आरक्षण की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। सामाजिक मुद्दे से भटककर यह अब राजनीतिक स्तर पर पहुंच गई है। यही वजह है कि यह मुद्दा एक बार फिर महाराष्ट्र की महायुति सरकार के लिए राजनीतिक संकट बनता दिखाई दे रहा है। मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील ने अंतरवाली सराटी में अपना अनशन जारी रखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला है। जरांगे के आक्रामक तेवरों से आरक्षण की लड़ाई एक बार फिर सड़कों पर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। साफ संकेत है कि समाज अब सत्ताधारी शिंदे और फडणवीस का ‘करेक्ट कार्यक्रम’ करेगा।
जरांगे ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘मेरे नाद में मत पड़ो, तुम्हें बहुत महंगा पड़ेगा।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र छोड़कर जाते समय ऐसी स्थिति पैदा न करें, जिससे राज्य में नया विवाद खड़ा हो। जरांगे की चेतावनी ऐसे समय आई है, जब सरकार के सामने मराठा आरक्षण का मुद्दा दोबारा गर्म हो रहा है। जानकारों की मानें तो शिंदे-फडणवीस सरकार यदि आंदोलन को समय रहते शांत नहीं कर पाती है तो आरक्षण की यह आग राजनीतिक रूप से महायुति के लिए भारी पड़ सकती है।
मुंबई में आंदोलन को रोकने पर भी चेतावनी
जरांगे ने सरकार को चेताया कि मराठा समाज को मुंबई आने से रोकने की कोशिश न की जाए। उनके इस बयान से साफ है कि आंदोलन का अगला चरण मुंबई की ओर बढ़ सकता है। यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला तो राजधानी मुंबई में बड़े आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
