-दही हंडी के दौरान नशे में खतरनाक ड्राइविंग
-मुंबई में कटे १८,८१८ चालान, `१.९२ करोड़ का जुर्माना
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में दही हंडी उत्सव के दौरान जहां गोविंदाओं का उत्साह चरम पर था, वहीं सड़कों पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों ने आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नशे की हालत में वाहन चलाने वाले कई लोगों की लापरवाही से सड़क पर मौजूद दूसरे वाहन चालकों और पैदल लोगों की जान पर खतरा मंडराता रहा। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई ने त्योहार के दौरान सड़क सुरक्षा की हकीकत सामने ला दी।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने उत्सव के दौरान नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए १८,८१८ चालान जारी किए और १.९२ करोड़ का जुर्माना वसूला। इनमें ट्रैफिक बाधित करने के ३,७२७ और बिना हेलमेट वाहन चलाने के ३,२४९ चालान शामिल हैं। सिग्नल तोड़ने के १,४७८, गलत दिशा में वाहन चलाने के ७३४ और नो-एंट्री/वन-वे नियमों के उल्लंघन के ४७६ चालान भी काटे गए।
ड्रिंक एंड ड्राइव ने बढ़ाया खतरा
त्योहार के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी पुलिस की नजर रही। शराब पीकर वाहन चलाने के २५ मामले दर्ज किए गए। नशे में वाहन चलाना सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे हर व्यक्ति की जान को खतरे में डालना है। दही हंडी जैसे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में यह लापरवाही और भी गंभीर हो जाती है, जहां सड़क पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं।
सिर्फ चालान काटना काफी नहीं
ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या त्योहारों के दौरान नशे में ड्राइविंग रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? क्या संवेदनशील इलाकों में नियमित जांच, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पर्याप्त थी? आम लोगों की सुरक्षा के लिए सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि खतरनाक ड्राइविंग को समय रहते रोकना भी जरूरी है।
