सूफी खान
इजरायल के प्रेशर में आकर अमेरिका हद कर रहा है। ईरान के साथ समझौता ना होने से झुंझलाए ट्रंप की सेना अब ईरान पर फिर हमलावर है। लड़ाई फौज के स्तर पर चल रही थी, लेकिन अमेरिका ने ईरान के आम लोगों को मारना शुरू कर दिया है। ठीक वैसे ही जैसे फिलिस्तीन में इजरायल करता है।
हर वार पर ईरान के पलटवार से तमतमाए ट्रंप अब ईरान पर लगातार बमबारी करवा रहे हैं। अमेरिका की ये बमबारी आम लोगों की जिंदगी छीन रही है। ईरान पर अमेरिका ने फिर अटैक किया। साउथ ईरान में अमेरिका ने तब बमबारी की जब वहां एक घर पर शादी चल रही थी। मोहर्रम और ४० वें का गम मनाकर ईरान में लोग शादी-ब्याह शुरू कर देते हैं। ऐसे में शादी वाले घर पर घात लगाकर अमेरिका ने मारा है। होर्मुज के करीब मौजूद इस घर पर अमेरिकी मिसाइल का हमला हुआ, जिसमें शादी चल रही थी। हमले के बाद मिसाइल के टुकड़े घर के अंदर जा गिरे। इस अमेरिकी हमले में एक बच्चे समेत ५ लोगों की मौत हो गई, जबकि ५० से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। यह हमला होर्मुजगन प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में एक रिहायशी घर पर हुआ। उस समय घर में शादी का जश्न चल रहा था। ईरान के सरकारी मीडिया ने हमले के बाद का वीडियो जारी किया। इसमें घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में मलबा और भारी नुकसान दिखाई दे रहा है।
ईरान ने तुरंत इसे युद्ध अपराध बताया है और बदले की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि ईरान पलटवार में जरा भी देर नहीं लगाता है। अगर उस पर जंग मुसल्लत की जा रही है तो वो भी मैदान में पूरी तैयारी से है। ईरान ने लाल सागर के आसपास मौजूद अमेरिकी बेसेस पर धावा बोल दिया। इतना ही नहीं, ईरान की आर्मी ने दावा किया कि उसने यूएई में मौजूद अमेरिकी अल जुफरा और अल मिनहद बेसेस पर बुधवार सुबह ड्रोन की बारिश कर डाली।
देखा जाए तो ईरान और अमेरिका के बीच में तनाव फिर बढ़ गया है और होर्मुज के करीब सिरिक काउंटी में शादी वाले घर पर अमेरिकी हमला। एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरान इसका बड़ा बदला लेगा। जंग एक बार फिर शुरू हो चुकी है। ट्रंप ने पाकिस्तान की मिडिएटरशिप में हुए समझौते का मान नहीं रखा। अब ईरान के हाथ भी खुल गए हैं। ईरान अब ‘जैसे को तैसा’ वाले मोड में आ चुका है।’ यानी हम पर हमला होगा तो हम दोगुनी ताकत से अपने दुश्मन को पीटेंगे। दरअसल, इजरायल और कई अरब देश अमेरिका को ईरान का पैâसला किए बगैर किसी भी सूरत में जाने नहीं देना चाहते। होर्मुज ईरान के कंट्रोल में है। ऐसे में अरब देशों की मदद से इजरायल के लिए अमेरिका फिर जलते तवे पर बैठ रहा है। ईरान भी पूरी ताकत के साथ तैयार है।
