मुख्यपृष्ठनए समाचारजन्माष्टमी की रात्रि ५०० ड्रोन के जरिए आसमान में जीवंत होंगी कृष्ण...

जन्माष्टमी की रात्रि ५०० ड्रोन के जरिए आसमान में जीवंत होंगी कृष्ण लीलाएं

-श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचा अयोध्यापुरी एवं काशीपुरी से आया उपहार
-जन्माष्टमी पर विशेष रूप से तैयार कराई गई पोशाक व श्रृंगार धारण करेंगे ठाकुरजी
– ठाकुरजी के प्राकट्य के साथ जन्म महाअभिषेक होगा आरंभ
– शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क, चप्पे पर रखी जा रही निगाह
डॉ. कमलकांत उपमन्यु / मथुरा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित जनपद के प्रमुख देवालयों व घरों में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल (४ सितंबर) को धूमधाम से मनाई जाएगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लीला मंच पर परंपरागत श्रीकृष्ण लीलाओं का कलाकारों द्वारा ब्रज की परंपराओं के साथ मंचन हो रहा है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु जन्मस्थान सहित अन्य मंदिरों के दर्शनों में जुटे हुए हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसको लेकर आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक सुवेंद्र कुमार भगत, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पांडेय, जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने संयुक्त रूप से जन्मभूमि मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शीर्ष अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं के लिए भीड़ नियंत्रण प्रणाली तथा सीसीटीवी वैâमरों की निगरानी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने परिसर के संवेदनशील स्थलों का जायजा लेते हुए तैनात पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश दिए। वरिष्ठ अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुगमता व सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम समय से सुनिश्चित करने का निर्देश दिए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक खाका तैयार किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान, वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर और जिले के अन्य प्रमुख देवालयों को शामिल करते हुए पूरे क्षेत्र को ७ जोन तथा ३५ सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस अधिकारियों तथा मजिस्ट्रेटों की तैनातियां की गई हैं।
भगवान श्रीकृष्ण का ५२५३वां जन्मोत्सव भाद्रपद श्रीकृष्ण अष्टमी को शास्त्रीय मर्यादाओं और परंपराओं के अनुसार ४ सितंबर को जनपद के सभी प्रमुख मंदिरों और घरों में धूमधाम से मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा इस वर्ष विशेष रूप से गौ रक्षा राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जन्मस्थान संस्थान को विद्युत रोशनी से सजाया गया है। दूर-दूर से पधारे श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुऐ श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं सदस्य व हिंदूवादी नेता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, वाराणसी एवं श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम से भव्य और दिव्य प्रसाद एवं उपहार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हेतु पहुंच गया है।
४ सितंबर मध्यरात्रि १२ बजे ठाकुरजी के प्राकट्य के साथ जन्म महाअभिषेक आरंभ होगी। स्वर्ण-मंडित रजत कामधेनु गौ द्वारा पयोधर अभिषेक के बाद रजत कमल पुष्प में विराजमान ठाकुरजी का महाअभिषेक किया जाएगा। गर्भगृह को करीब २०० किलोग्राम चांदी और आकर्षक पुष्प-पत्रों से सजाया जा रहा है। दर्शनों का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन और टीवी चैनलों पर किया जाएगा।
श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान द्वारा तैयार करायी गयी भव्य पोशाक व ठाकुरजी का शृंगार ढोल, मृदंग, झांझ, मजीरे एवं डमरू आदि की मंगल ध्वनि के मध्य रेलवे कासिंग बैरियर मुख्य मार्ग पर स्थित कृष्णद्वार (गेट नं.-१) से एक भव्य शोभयात्रा के रूप में प्रवेश की। अयोध्यापुरी एवं काशीपुरी से आये उपहार, प्रसाद एवं संस्थान की जन्माष्टमी पर विशेष रूप से तैयार कराई गई पोशाक व शृंगार सामग्री सर्वप्रथम भगवान केशवदेव महाराज, अष्टभुजा मां योगमायाजी एवं श्रीगर्भ-गृह जी मंदिर में प्रसाद-सामग्री अर्पित करते हुऐ भागवत भवन स्थित युगल सरकार श्रीराधाकृष्ण के सन्मुख वैदिक मंत्रों के सस्वर उच्चारण कर शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुरूप अर्पित किये गए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में पहली बार ५०० ड्रोन के जरिए आसमान में कृष्ण कन्हैया और उनकी जीवंत लीलाओं के दृश्य दिखाए जाएंगे। जन्माष्टमी की रात्रि में यह हवाई प्रदर्शन जन्मभूमि परिसर के आसपास तीन से चार किलो मीटर दूर तक देख सकेंगे। यह कार्यक्रम रात्रि में ९ से १० बजे के बीच होगा।
५०० ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ेंगे और ग्वाल-वाल श्रीकृष्ण के जन्म लीलाओं से जुड़े दृश्य बनायेंगे। १५ मिनट तक यह शो चलेगा। धार्मिक आयोजनों में ड्रोन शो का चलन तेजी से बढ़ रहा है। अयोध्या, प्रयागराज, बनारस में ऐसे शो आयोजित किए जा चुके हैं। राजस्थान के चित्तौडगढ़ के मंडफिया स्थित सांवलियासेठ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ड्रोन शो के जरिए भगवान की १२ लीलाओं को आसमान में दिखाया जा चुका है।
प्रमुख तिराहे चौराहों व पेड़ों पर विद्युत सजावट की गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कें तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। दूरदराज से आए श्रद्धालु उन्हें अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते देखे जा सकते हैं। कलाकार बीन, ढोल, नगाड़े, ढपली, शहनाई, बेला तबला आदि वाद्ययंत्रों से श्रद्धालुओं को रिझा रहे हैं।

अन्य समाचार