मुख्यपृष्ठस्तंभफलसफा : मुंबई की रात में डेटिंग का बदलता चेहरा

फलसफा : मुंबई की रात में डेटिंग का बदलता चेहरा

सना खान

मुंबई की बदलती नाइटलाइफ और डेटिंग संस्कृति ने लोगों के लिए नए रिश्ते बनाना आसान किया है, लेकिन इसी के साथ ऑनलाइन पहचान के पीछे छिपे अपराध का खतरा भी बढ़ता दिख रहा है। २०२६ में डेटिंग ऐप से जुड़े ठगी, लूट और जबरन वसूली के कई मामलों ने सवाल खड़े किए हैं कि डिजिटल दुनिया में बना भरोसा ऑफलाइन मुलाकात में कितना सुरक्षित है।
मार्च में साकीनाका के एक वैâफे में ऊग्ह्ी के जरिए युवकों को बुलाकर कथित तौर पर भारी बिल वसूलने वाले गिरोह पर पुलिस ने कार्रवाई की। एक मामले में १५ हजार रुपए की ठगी की शिकायत के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जुलाई में देवनार में डेटिंग ऐप पर मिले व्यक्ति से मिलने पहुंचे ३१ वर्षीय युवक के साथ मारपीट और लूट का मामला सामने आया। शिकायत के मुताबिक, युवक से ५० हजार रुपए भी लूटे गए। पुलिस को आशंका थी कि उसे मुलाकात के लिए बुलाने वाला व्यक्ति भी कथित गिरोह का हिस्सा हो सकता है।
मुंबई में साइबर अपराध का बढ़ता दायरा भी चिंता का विषय है। २०२५ में शहर में ४,८२५ साइबर प्रâॉड मामले दर्ज हुए और करीब १,०३१ करोड़ रुपए की रकम से जुड़े मामले सामने आए। वहीं डेटिंग से जुड़े अपराधों में फर्जी प्रोफाइल, एआई से बनाई गई तस्वीरें, बढ़े हुए वैâफे बिल, आर्थिक ठगी और ब्लैकमेल जैसे तरीके सामने आ रहे हैं।
श्म्Afाा के २०२६ सर्वे में ७५ प्रतिशत भारतीय प्रतिभागियों ने डेटिंग ऐप, वेबसाइट या सोशल मीडिया पर नकली अथवा एआई जैसी दिखने वाली प्रोफाइल या तस्वीरें देखने की बात कही।
यह नाइटलाइफ को दोष देने की कहानी नहीं है। असली सवाल है, ऐप पर मिला शख्स वही है, जो वह खुद को बता रहा है? मुंबई की रात बदल रही है, डेटिंग का अंदाज बदल रहा है और अपराधियों के तरीके भी। अब सवाल सिर्फ ‘डेट किससे है?’ नहीं, बल्कि ‘सामने वाला सच में कौन है?’ का है।

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