सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र के एसआरपीएफ जवानों की पारिवारिक और मानसिक समस्याओं को देखते हुए जिला तबादले का कोटा १० प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम २० प्रतिशत करने की मांग की गई है। लंबे समय तक परिवार से दूर रहने के कारण जवानों पर पड़ने वाले मानसिक और पारिवारिक तनाव तथा कुछ जवानों द्वारा उठाए जा रहे आत्मघाती कदमों को सरकार गंभीरता से ले, ऐसी मांग धडाकेबाज युवा प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष अमोल धनराज केंद्रे ने की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार को ज्ञापन सौंपा गया है। वहीं, गृह राज्यमंत्री योगेश कदम से मुलाकात कर उन्हें भी ज्ञापन दिया गया। केंद्रे के अनुसार, सुधीर मुनगंटीवार और योगेश कदम ने इस मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सुधीर मुनगंटीवार ने महाराष्ट्र पुलिस के महासंचालक सदानंद दाते से संपर्क कर इस समस्या पर कार्रवाई करने की मांग की। इस पर सदानंद दाते ने जल्द बैठक आयोजित कर मामले पर चर्चा करने की बात कही है। अमोल केंद्रे ने महाराष्ट्र पुलिस के वर्ष २०२५-२६ के लंबित डीजी लोन प्रकरणों का भी तत्काल निपटारा करने की मांग की है। अमोल केंद्रे और मनोज बोधारे ने कहा कि जवानों के न्याय के लिए उनकी लड़ाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी।
