-२८६ दिन समुद्र में रहने के बाद यूएसएस अब्राहम लिंकन को मिली पांच दिन की छुट्टी; शराब, पार्टी और झगड़ों की खबरों के बीच थाई प्रशासन को बढ़ानी पड़ी निगरानी
एजेंसी / बैंकॉक
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में महीनों तक तैनात रहने के बाद करीब ५,००० अमेरिकी नौसैनिक और मरीन जब थाईलैंड के मशहूर पर्यटन शहर पटाया पहुंचे तो पांच दिन का उनका ‘रेस्ट एंड रिकवरी’ प्रवास चर्चा और विवाद, दोनों का विषय बन गया। कुछ स्थानीय और भारतीय मीडिया रिपोर्टों में शराबखोरी, पार्टियों और झगड़ों की घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इसके बाद थाई प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी थी। नौ महीने बाद जमीन पर उतरे जवानों के लिए पटाया की पांच दिन की छुट्टी बेहद महत्वपूर्ण थी। शहर के बार, रेस्तरां और मनोरंजन प्रतिष्ठानों ने उनका स्वागत किया, जबकि प्रशासन ने पुलिस गश्त बढ़ाई और जवानों के लिए कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध भी लगाया। ६ सितंबर को यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड से रवाना हो गया। अमेरिकी नौसेना ने इसे सफल ‘रीचार्ज’ यात्रा बताया, लेकिन यह घटनाक्रम एक दूसरा सवाल छोड़ गया। ईरान युद्ध ने अमेरिकी सेना के उन जवानों पर कितना मानसिक और शारीरिक दबाव डाला है, जिन्हें महीनों तक समुद्र से उतरने तक का मौका नहीं मिला?
नौ महीने बाद जमीन पर उतरे जवान
परमाणु शक्ति से चलने वाला अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन २८६ दिन लगातार समुद्र में रहने के बाद २ सितंबर को थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पहुंचा था। यह आधुनिक अमेरिकी विमानवाहक पोत के सबसे लंबे लगातार समुद्री अभियानों में शामिल रहा। जहाज मध्य पूर्व में ईरान युद्ध से जुड़े अमेरिकी अभियानों का हिस्सा था। लंबी तैनाती के दौरान जहाज के अंदर के हालात को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। अमेरिकी सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के डेमोक्रेट सदस्यों ने रक्षा मंत्री से जवाब मांगते हुए भोजन और पानी की कमी, खराब प्लंबिंग तथा गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट का मुद्दा उठाया था। कई नाविकों द्वारा जहाज से कूदने की कोशिश किए जाने की रिपोर्टों का भी पत्र में उल्लेख था।
